- कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने किया शुभारंभ
- तीन दिवसीय मेले में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और दंगल
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता में तीन दिवसीय जिला स्तरीय बैसाखी नलवाड़ मेले का शुभारंभ ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक शोभायात्रा के साथ बुधवार को हुआ। मेले का शुभारंभ प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने किया। उन्होंने शुभारंभ अवसर पर प्राचीन ठाकुरद्वारा नरसिंह मंदिर झंडूता में पूजा-अर्चना की और खूंटा गाड़ा।
ठाकुरद्वारा मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा शुरू हुई, जो ढोल-नगाड़ों के साथ झंडूता बाजार से होती हुई मेला स्थल तक पहुंची। मेला स्थल पर मुख्यातिथि ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इसके बाद लोकगीत संस्कृति कार्यक्रम में मां वैष्णो कलामंच बरठीं और महिला जागृति कला मंच कल्लर की महिलाओं ने बिलासपुरी गिद्दा प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि नरदेव सिंह कंवर ने सभी को मेले की बधाई दी। संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार निर्माण कामगारों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है। बोर्ड के माध्यम से 13 विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें विवाह सहायता, छात्रवृत्ति, मृत्यु मुआवजा, चिकित्सा सहायता, पेंशन, प्रसूति लाभ और मंदबुद्धि बच्चों के लिए आर्थिक सहायता जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एकल नारी, विधवा और बेसहारा महिलाओं के लिए घर निर्माण हेतु तीन लाख रुपये तक की सहायता भी प्रदान की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 2025-26 के बजट में किसानों और युवाओं के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक गेहूं का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये, मक्की का मूल्य 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये और कच्ची हल्दी का मूल्य 90 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। इसके साथ ही किसानों को फसल खरीद केंद्र तक उपज पहुंचाने के लिए दो रुपये प्रति किलो की परिवहन सब्सिडी भी दी जाएगी। सरकार साल 2026 तक एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। विवेक कुमार ने इस मौके पर नरदेव सिंह कंवर से बोर्ड का एक कार्यालय झंडूता में शुरू करने की मांग भी उठाई।
मेले में 25 अप्रैल को दंगल का आयोजन होगा, जिसमें छोटी और बड़ी माली की पारंपरिक कुश्तियां कराई जाएंगी। वीरवार को को महिला मंडलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्टार नाइट होगी। इस अवसर पर हिमुडा बोर्ड के निदेशक जितेंद्र चंदेल, रणजीत कश्यप, सतीश चंदेल, जिला फेडरेशन के अध्यक्ष रणजीत कश्यप, जिला परिषद सदस्य प्रोमिला वसु, शालू रणौत, सतीश चंदेल, मेला समिति अध्यक्ष एवं तहसीलदार कुनिका कर्सर, बीडीओ संजीव पुरी, पवन, प्रशांत, कमल कांत, डॉ. मंजुला, मनेंद्र चंदेल, पंकज राणा, राकेश चंदेल, रणवीर ठाकुर, अरुण ठाकुर, निरंजना, अरविंद गौतम, किशोर कुमार, विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
झंडूता में शुरू हुए बैसाखी नलवाड़ मेले के शुभारंभ अवसर पर खूंटा गाड़ते मुख्यातिथि। संवाद
झंडूता में शुरू हुए बैसाखी नलवाड़ मेले के शुभारंभ अवसर पर खूंटा गाड़ते मुख्यातिथि। संवाद