हमले के समय मौके पर नहीं था सूर्या चंदेल, सहआरोपियों को भागने में मदद करने का आरोप
अदालत ने कहा, मुख्य हमले में भूमिका नहीं, 24 मामले लंबित होना अकेले जमानत रोकने का आधार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी भराड़ी चौक पर सनी गिल पर कुल्हाड़ी और डंडे से किए गए हमले के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी सूर्या चंदेल को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि आरोपी हमले के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था और उस पर घायल पर सीधे हमला करने का आरोप नहीं है। पुलिस के अनुसार उसकी भूमिका मुख्य आरोपियों को वाहन उपलब्ध करवाने और उनके आवागमन में मदद करने तक रही।
मामला आठ जुलाई 2026 को सदर थाना बिलासपुर में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार सौरभ पाटियाल उर्फ फंडी और कुलभूषण उर्फ लक्की ने सनी गिल पर हमला किया था। पुलिस के अनुसार हमले के बाद सौरभ ने व्हाट्सऐप के जरिये सूर्या से संपर्क किया और उसे वाहन लेकर बैरी दड़ोला बुलाया। आरोप है कि सूर्या ने सहआरोपियों के आवागमन में मदद की। घटना में इस्तेमाल वाहन छिपाने और बाद में वाहन बदलने में भी उसकी भूमिका बताई गई।
राज्य ने जमानत का विरोध करते हुए गवाहों को प्रभावित करने और दोबारा अपराध में शामिल होने की आशंका जताई। बचाव पक्ष ने कहा कि सूर्या हमले में शामिल नहीं था और उसने किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया। जांच पूरी हो चुकी है और उससे कोई बरामदगी लंबित नहीं है। वह 13 जुलाई से न्यायिक हिरासत में है।
अदालत ने आरोपी के खिलाफ 24 मामले लंबित होने का उल्लेख किया, लेकिन कहा कि यह अकेले जमानत से इनकार का आधार नहीं हो सकता। अदालत ने सहआरोपी धीरज धर्माणी को हाईकोर्ट से मिली जमानत का भी हवाला दिया। सूर्या को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत आदेश की टिप्पणियां मामले के अंतिम निर्णय को प्रभावित नहीं करेंगी।