व्यावसायिक मात्रा से काफी कम थी बरामदगी, एक लाख के मुचलके पर मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर थाना क्षेत्र में बस की तलाशी के दौरान 15.40 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी। अदालत ने माना कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक मात्रा से काफी कम है। ऐसे में व्यावसायिक मात्रा वाले मामलों में लागू कड़े जमानत प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते।
पुलिस के अनुसार 31 जुलाई की रात सदर थाना पुलिस की टीम पाटा फोरलेन के पास गश्त पर थी। इसी दौरान मंडी-भराड़ी की ओर से आ रही वोल्वो बस को रोककर तलाशी ली गई। कंडक्टर साइड की सीट नंबर सात पर बैठे आरोपी के पास काले रंग का बैग था। तलाशी के दौरान बैग से नकदी, मोबाइल फोन और पारदर्शी पॉलीथिन में काला-भूरा पदार्थ बरामद हुआ। पॉलिथीन समेत इसका वजन 15.40 ग्राम पाया गया।बचाव पक्ष ने अदालत में आरोपी को झूठे मामले में फंसाने का तर्क दिया। कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से कोई बरामदगी लंबित नहीं है। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के कब्जे से मादक पदार्थ बरामद हुआ है। रिहा होने पर उसके दोबारा अपराध में शामिल होने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी के खिलाफ चार अन्य आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई।
अदालत ने कहा कि आपराधिक मामले दर्ज होना जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण तथ्य है, लेकिन केवल इसके आधार पर आरोपी को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। आरोपी की दोषसिद्धि या निर्दोषता का फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। अदालत ने यह भी देखा कि जांच पूरी हो चुकी है और फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।
अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक स्थानीय जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपी के देश से बाहर जाने, दोबारा इसी तरह के अपराध में शामिल होने और गवाहों से संपर्क करने पर रोक लगाई गई है। शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस जमानत रद्द करवाने के लिए अदालत में आवेदन कर सकेगी।