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प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने को सरकार प्रतिबद्ध : धर्माणी

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कोट पंचायत में किसानों को प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
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इस वर्ष 182.84 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने की तैयारी

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। यह बात तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कोट पंचायत के सिद्ध बाबा गोदड़िया मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं और मक्की के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। प्राकृतिक गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये और मक्की का 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष हल्दी का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि के माध्यम से पशुपालकों को भी उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिया जा रहा है। आतमा बिलासपुर के अनुसार राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन और मॉडल फार्मों का भ्रमण करवाया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 15,076 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं 3,012 किसान 455 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं। योजना के तहत देशी गाय खरीदने पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। गाय के रखरखाव के लिए फर्श पक्का करने पर आठ हजार रुपये तक और प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले घटकों की तैयारी के लिए प्लास्टिक ड्रम पर 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 750 रुपये का अनुदान उपलब्ध है। संसाधन भंडार स्थापित करने के लिए भी 15 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में 5,000 नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 40 क्लस्टर बनाए गए हैं, 2,000 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करवाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती के लिए वर्ष 2026-27 में 50.49 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि आत्मा परियोजना के तहत 55.92057 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार इस वर्ष 136 किसानों से 182.84 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। प्राकृतिक मक्की भी 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जाएगी। पिछले वर्ष हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी गई थी, जबकि आगामी वर्ष इसका समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम से पहले मंत्री राजेश धर्माणी ने चार लाख रुपये की लागत से निर्मित तीन कमरों वाले सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने भवन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने वाली रौशुं देवी को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।
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इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चमेल सिंह, ग्राम पंचायत प्रधान अमर चंद, उपप्रधान रणजीत सिंह, बीडीसी सदस्य सुभाष मौजूद रहे।
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