- घुमारवीं अस्पताल के तीन मंजिल के ओपीडी भवन में न लिफ्ट, न ही रैंप की व्यवस्था
- सात साल पहले बना था भवन, बजट के अभाव में नहीं बनी लिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नागरिक अस्पताल घुमारवीं में करोड़ों रुपये खर्च कर मरीजों की सुविधा के लिए चार मंजिला नए ओपीडी भवन को बने करीब सात वर्ष का समय बीत चुका है। इस भवन में ऊपरी मंजिलों तक मरीज को ले जाने के लिए न रैंप की व्यवस्था है और न ही लिफ्ट की सुविधा है। हालांकि भवन में लिफ्ट बनाने की व्यवस्था रखी गयी थी। 7 साल बीत जाने के बाद भी लिफ्ट का कार्य पूरा नहीं किया जा सका। अधूरी पड़ी यह व्यवस्था आज भी अस्पताल आने वाले मरीजोंं का मुंह चिढ़ा रही है। यहां पर तीमारदारों को मरीज को पीठ पर लादकर ओपीडी तक पहुंचाना पड़ता है।
यही कारण है की दूसरी, तीसरी मंजिल पर बनाई गई ओपीडी तक जाने के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रैंप और लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण अस्पताल आने वाले तीमारदारों को अपने मरीज को पीठ पर उठाकर ओपीडी तक पहुंचाना पड़ता है। भवन में वैकल्पिक तौर पर रैंप की सुविधा होनी चाहिए थी, ताकि मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर लिटा कर ले जाया जा सके। नए ओपीडी भवन का उद्घाटन 21 सितंबर 2017 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने किया था। हैरानी इस बात की है कि इस भवन की दूसरी, तीसरी मंजिल पर ऑर्थो सहित अन्य ओपीडी बनाई गई हैं, लेकिन ऊपरी मंजिलों में मरीजों को कैसे पहुंचाना है इसके बारे में न तो आज तक सरकार के नुमाइंदों ने सोचा और न ही विभाग के अधिकारियों ने। मरीजों को सबसे ज्यादा मुश्किल उस समय झेलनी पड़ती है, यदि कोई बुजुर्ग या चलने फिरने में असमर्थ मरीज अकेला अस्पताल आता है तो वह दूसरी मंजिल तक कैसे आएगा।
कोट
नई ओपीडी भवन में लिफ्ट बनाने की व्यवस्था रखी गई थी। बजट न होने के कारण लिफ्ट का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि इसके लिए 32 लाख रुपये का प्राक्कलन बनाकर विभाग को भेजा गया है। अभी तक पैसा नहीं आया है जैसे ही बजट आएगा लिफ्ट लगवा दी जाएगी।
डॉ आशुतोष शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं