घुमारवीं अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था का अभाव। संवाद
-लोगों ने की जल्द पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं स्थित 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। सदर, घुमारवीं और झंडूता विधानसभा क्षेत्रों की अनेक पंचायतों का प्रमुख उपचार केंद्र होने के बावजूद अस्पताल परिसर में पार्किंग की कोई उचित व्यवस्था न होने से मरीज और उनके तीमारदारों के लिए बड़ी परेशानी का बात है।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग शिमला-धर्मशाला किनारे स्थित इस अस्पताल में सड़क हादसों के चलते एंबुलेंस, अन्य आपातकालीन वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। वहीं, परिसर में निजी वाहनों की एंट्री लगभग बंद है। ऐसे में उपचार के लिए वाहन लेकर आने वाले लोगों को अस्पताल गेट पर ही रोक दिया जाता है। कई बार सुरक्षा कर्मियों और वाहन चालकों के बीच नोकझोंक तक की नौबत भी आ जाती है। मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है। जीवन बीमा निगम के सेवानिवृत्त विकास अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि कुछ दिन पहले सीने में दर्द होने पर वे स्वयं वाहन लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा स्टाफ ने उनकी गाड़ी को अंदर नहीं जाने दिया। मजबूरन उन्हें बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी अनुपम शर्मा ने कहा कि लोग वाहन आड़ा-तिरछा खड़ा कर देते हैं, जिससे एंबुलेंस व अन्य जरूरी वाहनों के आने में बाधा उत्पन्न होती है। इसी वजह से परिसर में निजी वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि अस्पताल का प्राथमिक उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं को बाधा-मुक्त रखना है। कहा कि पार्किंग समस्या उनके ध्यान में है और इसके स्थायी समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल एंबुलेंस व मरीजों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए निजी वाहनों को परिसर में खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।