घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में नामांकन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वार्ड नंबर तीन में सबसे हॉट और रोचक मुकाबला बना हुआ है। इस वार्ड से पूर्व और वर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष की साख भी दांव पर लगी हुई है। इस वार्ड से भाजपा ने अपना उम्मीदवार निधि शर्मा को बनाया है। उनके पति वर्तमान में मनोनीत पार्षद हैं और मंत्री राजेंद्र गर्ग के करीबी बताए जाते हैं।
इसी गांव से अपनी मर्जी से मुकाबले में उतरीं बबिता कुमारी, जिनकी पृष्ठभूमि कांग्रेस से है और पूर्व अध्यक्ष गीता महाजन और निधि शर्मा के लिए अड़चनें पैदा करेंगी। क्योंकि उनके परिवार का भी गांव और क्षेत्र में अपना जनाधार है। बेशक गीता महाजन कांग्रेस की तरफ से चुनाव मैदान में उतरी हैं। वह भी जगजाहिर है, जब गीता महाजन और रीता सहगल का ढाई-ढाई साल का करार होने के बाद गीता महाजन ने अध्यक्ष पद की अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी थी और कांग्रेस के चार पार्षद होने के बावजूद गेंद भाजपा के पाले में पड़ी थी और चोपड़ा ने अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया गया है। वर्तमान अध्यक्ष जिसे भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उनकी बेटी निशा चोपड़ा को भाजपा का टिकट नहीं मिला। इसके बाद वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी हैं। जिसे राजनीति का अनुभव तक नहीं है। उनकी जीत का सारा दारोमदार राकेश चोपड़ा के कंधों पर है। इस वार्ड से चार नामांकन दाखिल होने से सबसे बड़ा हॉट मुकाबला है। लगता है कि कोई भी उम्मीदवार अपना नामांकन वापस नहीं लेगा।
चारों उम्मीदवार अगर मुकाबले में बने रहते हैं तो गीता महाजन और वर्तमान में अध्यक्ष राकेश चोपड़ा की बेटी के लिए समीकरण बनते और बिगड़ते दिख रहे हैं। मुकाबला हुआ रोचक और कड़ा होने की उम्मीद है, लेकिन यह भी देखना रोचक है कि एक तरफ पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष की साख के साथ उम्मीद है कि जो इस वार्ड से जीत सुनिश्चित करेगा, वह नगर परिषद के अध्यक्ष बनेगा। वार्ड में 669 वोटर है, जिनमें महिला 327 और पुरुष 342 है। जो इन चार महिला उम्मीदवारों का भविष्य चुनकर अध्यक्ष पद तक पहुंचाएंगे।