बोले- नगर परिषद की ओर से दुकानदारों पर डाला जा रहा है अतिरिक्त बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की ओर से शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण व्यवस्था के तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए शुल्क में हाल ही में की गई वृद्धि का शहर के अधिकांश व्यापारियों ने कड़ा विरोध जताया है। यह नई दरें इसी माह से लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद व्यापारियों में रोष देखने को मिलज्ञा है।
व्यापारियों का कहना है कि नगर परिषद ने कूड़ा उठाने के एवज में लिए जाने वाले शुल्क में अचानक और अत्यधिक बढ़ोतरी कर दी है, जो बिल्कुल अनुचित है। उनका आरोप है कि नगर परिषद ने मनमाने तरीके से दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास किया है। व्यापारियों के अनुसार जिस दुकानदार से पहले मात्र 150 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता था उसी का शुल्क अब बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है, जो करीब सात गुना बढ़ोतरी है और किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। वर्तमान में शहर के साधारण घरों से पहले की तरह ही 50 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जा रहा है,जबकि 2,000 स्क्वायर फीट से अधिक आकार वाले भवनों से 100 रुपये मासिक शुल्क क र दिया गया है, जबकि व्यापारियों के लिए नई दरें काफी अधिक बढ़ाई गई हैं। नए प्रावधानों के तहत बड़े होटल और रेस्टोरेंट से 1000 रुपये प्रति माह और छोटे होटल और रेस्टोरेंट से 200 प्रति माह शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बड़ी फल एवं सब्जी की दुकानों से 500 रुपये प्रति माह और छोटे फल, सब्जी विक्रेता से 200 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाएगा।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन करने जा रहा है। इसमें यदि किसी दुकानदार से किसी कारणवश मासिक शुल्क समय पर जमा नहीं हो पाता तो उस पर 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। व्यापारियों ने इसे पूर्ण रूप से तानाशाही और उत्पीड़न करार दिया है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने कहा कि दुकानदार हमेशा नगर परिषद और प्रशासन के साथ खड़ा रहा है, लेकिन आज प्रशासन दुकानदारों को परेशान करने में लगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नगर परिषद अपनी मनमानी पर अडिग रहा तो आने वाले समय में दुकानदार प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नहीं हो पाएंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद पर होगी। व्यापार मंडल घुमारवीं प्रधान हेमराज ने बताया कि नगर परिषद की ओर से जिस तरह से कूड़े पर लिए जाने वाला शुल्क बढ़ाया गया है यह दुकानदारों के हितों की अनदेखी है। नगर परिषद की ओर बेवजह इतना शुल्क दुकानदारों पर थोपा जा रहा है। इसे व्यापार मंडल किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगा। व्यापार मंडल इसके लिए जल्द ही नगर परिषद अधिकारियों से मिलकर बात करेगा।