पंचायत प्रधान के पति सहित पांच पर बरमाणा थाना में मामला दर्ज
वन विभाग के अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण, मुख्य आरोपी से की पूछताछ
लोग बोले- दो स्थानीय मौतों के दौरान दाह-संस्कार के लिए काटी है लकड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में जंगल माफिया एक बार फिर सक्रिय हो उठा है। सदर वन परिक्षेत्र के कुड्डी-बरयांस क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध खैर कटान का मामला सामने आया है। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने पंचायत प्रधान के पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर सदर नरेंद्र सिंह दयाल को वन खंड अधिकारी ने सूचना दी कि डीपीएफ बरियांस के कुड्डी जंगल में खैर के पेड़ काटे गए हैं। वन अधिकारी सुबह 9:00 बजे कंजरवेटर मृत्युंजय माधव के साथ टीम सहित मौके पर पहुंचे। निरीक्षण में पाया गया कि कुल 15 खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे गए, जिनमें कुड्डी जंगल से 10 पेड़ जिनकी कीमत 2,42 लाख थी, डीपीएफ बरियांस से 5 पेड़ 1,59,411 की कीमत के काटे गए हैं। कुल मिलाकर 4,02,047 से अधिक का नुकसान आंका गया। विभाग ने मामले की प्रारंभिक पूछताछ मनोहर लाल गांव कुड्डी से की। उन्होंने स्वीकार किया कि उसने ये पेड़ काटे। बताया कि यह कटान ग्राम पंचायत कुड्डी की प्रधान के पति प्रेम लाल के कहने पर किया गया। मनोहर ने अपने साथियों के नाम भी बताए। इनमें रुलिया राम, रमेश, जय सिंह पर कटान के आरोप लगाए हैं।
वन विभाग के अनुसार आरोपियों ने यह कटान दो स्थानीय मौतों के दौरान दाह-संस्कार के लिए लकड़ी की जरूरत बताकर किया, लेकिन जांच में आशंका जताई गई है कि खैर की इस कीमती लकड़ी को निजी ठेकेदारों को अवैध रूप से बेचा गया हो। बताते चलें कि कुड्डी बीट 10 वर्षीय खैर कटान कार्यक्रम के तहत निजी खैर कटान के लिए खुला हुआ है, जिसके चलते अधिकारियों को शक है कि इसी का फायदा उठाकर लकड़ी की अवैध निकासी की गई। रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर की शिकायत पर बरमाणा थाना में मामला दर्ज किया गया है। रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर नरेंद्र सिंह दयाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कोट
मामले की शिकायत वन विभाग की ओर से मिली है। इसके आधार पर पंचायत प्रधान के पति सहित पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम वन विभाग के साथ मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। - मदन धीमान, डीएसपी मुख्यालय