एक से श्रेष्ठ पहल के पांच साल पूरे, राज्यपाल ने शिक्षकों को बांटे लैपटॉप
काह-पांच साल में 692 लोगों को मिला रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एक से श्रेष्ठ पहल के तहत प्रदेश में 650 शिक्षा केंद्रों के माध्यम से करीब 12 हजार बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बनाई गई है। एक्ट टू ट्रांसफॉर्म फाउंडेशन की इस पहल के पांच वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर के कला एवं संस्कृति सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर संस्था के प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि 650 शिक्षा केंद्र केवल एक आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि ऐसे स्थान हैं जहां बच्चों तक ज्ञान की रोशनी पहुंच रही है और उन्हें बेहतर भविष्य का सपना देखने का अवसर मिल रहा है। शिक्षा देश के समावेशी और कुशल भविष्य की आधारशिला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पीएम श्री, निपुण भारत, डिजिटल इंडिया और कौशल विकास जैसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। ‘एक से श्रेष्ठ’ जैसी जमीनी पहल इन प्रयासों को समुदायों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल स्कूल तक पहुंच बनाने का विषय नहीं है। बच्चों को सीखने के अवसर, संसाधन, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास देना भी जरूरी है। फाउंडेशन की ओर से निशुल्क शिक्षा और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने की उन्होंने सराहना की। इस अवसर पर विधायक त्रिलोक जम्वाल, विधायक जेआर कटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। राज्यपाल ने शिक्षकों को लैपटॉप वितरित किए और तकनीक का इस्तेमाल बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों को समझने के लिए करने का आह्वान किया। बच्चों को स्टडी टेबल, स्कूल बैग, नोटबुक, स्टेशनरी, जूते और ट्रैकसूट भी वितरित किए गए। राज्यपाल ने बताया कि पहल के तहत करीब 692 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इनमें लगभग 90 फीसदी अवसर महिलाओं को मिले हैं और करीब 60 फीसदी महिलाओं के लिए यह पहला रोजगार अवसर रहा। उन्होंने कहा कि निशुल्क शिक्षा और अध्ययन सामग्री मिलने से हजारों परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 12 हजार से अधिक परिवारों ने सामूहिक रूप से 5.40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है।
बिना सरकारी सहायता शुरू किया कार्यक्रम : अनुराग
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के साथ कदमताल करते हुए उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में बिना सरकारी सहायता के गुरुकुल पद्धति से निशुल्क ट्यूशन के लिए ‘एक से श्रेष्ठ’ कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को शिक्षा देकर सबका विकास सुनिश्चित करना है।
एक से श्रेष्ठ पहल कार्यक्रम में बच्चों को बैग वितरित करते राज्यपाल। स्रोत: डीपीआरओ