-श्री नयना देवी जी में 15 दिन के भीतर दो शिविरों के आयोजन के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिले में लंबित मामलों की पैरवी एवं इसके शीघ्र निपटारे के लिए जिला न्यायवादी विशेष प्रयत्न करें, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके व अधिनियम के महत्व की पूर्ति सक्षम हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त निधि पटेल ने यह जानकारी अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि जिला न्यायवादी से प्राप्त सूचना के आधार पर वर्तमान में कुल 38 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं, जबकि पांच मामले में न्यायालयों द्वारा अधिनियम के अंतर्गत दर्ज धाराओं को हटा लिया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान अधिनियम के तहत पीड़ितों को 2 लाख 50 हजार की राशि प्रदान की गई है। जिसे समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। अधिनियम के तहत जागरूकता प्रदान करने के उद्देश्य से जिला व तहसील स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। तहसील कल्याण अधिकारी सदर, झंडूता एवं घुमारवीं में दो-दो शिविर आयोजित किए गए हैं, जबकि श्री नयना देवी जी में 15 दिन के भीतर तहसील कल्याण अधिकारी को दो शिविरों के आयोजन के आदेश दिए। जिला स्तर पर भी अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूकता करने के लिए एक शिविर का आयोजन जल्द किया जाएगा। बैठक का संचालन तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत ने किया। बैठक में गैर सरकारी सदस्य सीमा चंदेल, अध्यक्ष मानव सेवा ट्रस्ट प्रकाश चंद, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, जिला कल्याण अधिकारी, प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा कार्यालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।