रोहल गांव के चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को मकान निर्माण के लिए मिले तीन लाख रुपये
कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता उपमंडल के गांव रोहल निवासी अमन शर्मा (25) का अपना मकान बनाने का सपना मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत पूरा हुआ है। योजना के अंतर्गत अमन शर्मा को मकान निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट की श्रेणी में शामिल अमन न केवल अपना घर बना पाए हैं, बल्कि उन्हें प्रतिमाह मिलने वाली 4 हजार रुपये की जेब खर्च सहायता से आत्मनिर्भर जीवन जीने की राह भी मिली है।
कम उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद अमन शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। बातचीत में उन्होंने बताया कि ढाई वर्ष की आयु में पिता और साढ़े तीन वर्ष की आयु में माता का देहांत हो गया था। दादा-दादी और चाचा ने उनका पालन-पोषण किया। दसवीं तक पढ़ाई के बाद रोजगार की तलाश में उन्होंने कई जगह काम किया और अंततः परिवार के सहयोग से टैक्सी खरीदकर स्वयं का रोजगार शुरू किया। वर्तमान में वह झंडूता क्षेत्र में टैक्सी चलाकर अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। अमन ने बताया कि पिता द्वारा निर्मित पुराना मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में था, जहां रहना जोखिम भरा हो गया था। मजबूरी में उन्हें चाचा या नानी के घर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए प्रयास करने पर अक्सर अनाथालय जाने का दबाव बनाया गया, लेकिन दादी और चाचा के सहारे वह अपने पैरों पर खड़े हो सके। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए अमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना उनके जैसे हजारों बच्चों और युवाओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा मिलने से न केवल सम्मान मिला, बल्कि सुरक्षित भविष्य की राह भी खुली। उन्होंने बताया कि मकान निर्माण के लिए तीन किस्तों में अब तक ढाई लाख रुपये मिल चुके हैं, जबकि अंतिम 50 हजार रुपये शीघ्र प्राप्त होंगे।
इनसेट
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा ने बताया कि जिला बिलासपुर में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 166 पात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें से 23 लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 3-3 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसमें अमन शर्मा भी शामिल हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा (19), विवाह सहायता (20), वोकेशनल कोर्स (8), स्टार्टअप (9), कौशल विकास, कोचिंग और भू-आवंटन के मामलों में भी पात्रों को लाभ मिला है।
कोट
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को जिले में पूरी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। योजना के तहत मकान निर्माण, स्टार्टअप सहायता, विवाह व शिक्षा सहायता सहित कई लाभ दिए जा रहे हैं। साथ ही बाल आश्रमों में रह रहे बच्चों के लिए एक्सपोजर विजिट सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।