बरठीं-मलारी-भल्लू-कलर-भड़ोलीकलां मार्ग पर गड्ढों से हादसे का खतरा
झंडूता-मांडवा-बड़सर-ऊना सड़क बंद, 10-12 किमी अतिरिक्त सफर को लोग मजबूर
मांडवा पुल बंद होने के बढ़ा यातायात दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के तहत बरठीं-मलारी-भल्लू-कलर-भड़ोलीकलां सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी है। करीब आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों से वाहन चालकों का सफर जोखिम भरा हो गया है।
सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों की वजह से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
बारिश में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क का सही अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। उधर, झंडूता-मांडवा-भड़ोलीकलां-शाहतलाई-बड़सर-ऊना मुख्य मार्ग पर मांडवा पुल के दोनों ओर पहाड़ियों के दरकने की आशंका के चलते प्रशासन ने एहतियातन मार्ग को अस्थायी रूप से यातायात के लिए बंद कर रखा है। इसके कारण शाहतलाई और भड़ोलीकलां की ओर जाने वाले वाहनों को बरठीं-मलारी-भल्लू-कलर-भड़ोलीकलां मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे सड़क पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है। पहले जहां लोगों को करीब दो किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब उन्हें 10 से 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में जर्जर सड़क लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए सड़क की जल्द मरम्मत की मांग की है।
कोटधार नलवाड़ी मेला के संस्थापक एवं समाजसेवी अमरनाथ धीमान ने कहा कि बरठीं-मलारी-भल्लू-कलर-भड़ोलीकलां सड़क की हालत बेहद खराब है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं करवाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल सड़क को दुरुस्त करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग बरठीं के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि उन्होंने स्वयं सड़क का निरीक्षण किया है। मार्ग की स्थिति खराब पाई गई है। विभाग ने सड़क पर जेसीबी और कर्मचारियों की तैनाती की है, ताकि बरसात के दौरान मार्ग को यातायात योग्य बनाए रखा जा सके। उन्होंने बताया कि बारिश का दौर समाप्त होने के बाद सड़क की स्थायी मरम्मत के लिए आवश्यक कार्य शुरू किया जाएगा।