दधोल कलां में 27 सितंबर की रात सड़क पर गंभीर हालत में मिला था 25 वर्षीय युवक
मोबाइल बरामद पर्स अब भी गायब होने का दावा, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई
सीसीटीवी फुटेज, वाहन और फोरेंसिक साक्ष्यों समेत सभी पहलुओं की जांच की मांग
परिजनों ने आरोपी के पिता पर समझौते के लिए दबाव और धमकी देने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दधोल कलां में सड़क पर गंभीर घायल अवस्था में मिले 25 वर्षीय नीरज कुमार के मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की गहन जांच कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि नीरज को वाहन से टक्कर मारने के बाद उसके ऊपर वाहन चढ़ाया गया। उन्होंने इसे महज सड़क हादसा मानने के बजाय अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल करने की मांग की।
परिजनों ने ज्ञापन में बताया कि 27 सितंबर की रात नीरज कंपनी की बाइक पर निहारी से अपने घर डोहरू जा रहा था। दधोल कलां स्थित पशु औषधालय के पास एक कार चालक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद चालक ने नीरज के ऊपर कार चढ़ा दी और मौके से फरार हो गया। उन्होंने नीरज का पर्स और मोबाइल फोन भी साथ ले जाने का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद नीरज को गंभीर हालत में एम्स बिलासपुर में भर्ती करवाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि नीरज को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनके अनुसार, 29 सितंबर को आरोपी ने नीरज का मोबाइल पुलिस को सौंप दिया, जबकि पर्स अभी बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई।
ज्ञापन में परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के पिता की ओर से समझौते के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और फोन पर धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वाहन, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
नीरज के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एएसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि युवक की हालत गंभीर है और घटना की वास्तविकता सामने आना जरूरी है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।