उपभोक्ता ने एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कनेक्शन वापस कराने के लिए शिमला भेजने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं क्षेत्र में गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि कई उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन उनकी जानकारी और सहमति के बिना एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इससे लोगों को सिलिंडर प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन लंबे समय से घुमारवीं स्थित गैस एजेंसी के अंतर्गत था और वह वर्षों से वहीं से गैस सिलिंडर प्राप्त करते आ रहे थे। हाल ही में जब उन्होंने गैस सिलिंडर बुक करवाने का प्रयास किया तो उन्हें पता चला कि उनका कनेक्शन बिना किसी पूर्व सूचना के घुमारवीं से बदलकर भराड़ी क्षेत्र की एक निजी गैस एजेंसी के अंतर्गत कर दिया गया है।
राजेंद्र कुमार के अनुसार, इस संबंध में जब उन्होंने घुमारवीं गैस एजेंसी से संपर्क किया तो वहां के कर्मचारियों ने मामले की जानकारी होने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह संबंधित निजी गैस एजेंसी पहुंचे और अपना कनेक्शन पुनः घुमारवीं एजेंसी के अंतर्गत करने का अनुरोध किया। आरोप है कि वहां भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता का कहना है कि एजेंसी संचालक ने उन्हें बताया कि कनेक्शन को दोबारा घुमारवीं एजेंसी में स्थानांतरित करवाने के लिए शिमला जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस जवाब से वह हैरान रह गए क्योंकि उन्होंने कभी स्वयं कनेक्शन बदलवाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। राजेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि केवल उनका ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन भी बिना अनुमति के दूसरी एजेंसियों में स्थानांतरित किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विशेष रूप से असुविधा हो रही है। उनका कहना है कि पहले उन्हें समय पर और सुविधाजनक तरीके से गैस सिलिंडर मिल जाता था, लेकिन एजेंसी बदलने के बाद समस्याएं बढ़ गई हैं। समस्या का समाधान न होने पर राजेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने मांग की है कि उनके गैस कनेक्शन को पुनः घुमारवीं गैस एजेंसी के अंतर्गत किया जाए और बिना अनुमति कनेक्शन स्थानांतरित करने के मामलों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसी संचालकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।