49.88 लाख रुपये की परियोजना, मरीजों, तीमारदारों को मिलेगी बेहतर भोजन सुविधा
एक वर्ष के लिए होगा अनुबंध, चयनित एजेंसी को अस्पताल परिसर में ही करनी होगी पूरी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में मरीजों, उनके तीमारदारों और कर्मचारियों को बेहतर भोजन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। संस्थान ने 24 घंटे कैंटीन सेवा संचालित करने केे लिए लिए निविदा जारी की है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 49.88 लाख रुपये रखी गई है और अनुबंध अवधि एक वर्ष की होगी।
निविदा के अनुसार कैंटीन अस्पताल भवन के भीतर संचालित की जाएगी, जहां शाकाहारी, मांसाहारी और वीगन भोजन के साथ नाश्ता, दोपहर व रात्रि भोजन, स्नैक्स और पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। सेवा सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे जारी रहेगी, जिससे रात के समय अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों को भी भोजन के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एम्स प्रशासन ने कैंटीन संचालन के लिए कड़े मानक तय किए हैं। चयनित एजेंसी को बिजली, पानी, रसोई गैस, फर्नीचर, रसोई उपकरण, क्रॉकरी, स्टाफ, खाद्य सामग्री और स्मार्ट वेंडिंग मशीनों सहित पूरी व्यवस्था स्वयं करनी होगी। कैंटीन परिसर का क्षेत्रफल करीब 1689 वर्ग फुट होगा और प्रतिदिन लगभग 100 लोगों को सेवा देने का अनुमान है। निविदा में भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए पिछले तीन वर्ष का न्यूनतम 50 लाख रुपये का औसत वार्षिक टर्नओवर तथा समान सेवाओं का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया गया है। इसके साथ सरकारी, अर्ध सरकारी या प्रतिष्ठित संस्थानों में कैंटीन अथवा समान सेवाओं के सफल संचालन का प्रमाण भी देना होगा। एजेंसियों का चयन गुणवत्ता एवं लागत आधारित चयन प्रणाली के तहत किया जाएगा। तकनीकी योग्यता को 30 प्रतिशत और वित्तीय बोली को 70 प्रतिशत वेटेज दिया गया है। तकनीकी मूल्यांकन में न्यूनतम 60 अंक हासिल करने वाली एजेंसियां ही अगले चरण के लिए पात्र होंगी। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून को सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है, जबकि उसी दिन सुबह 11:30 बजे बोलियां खोली जाएंगी। इससे पहले 10 जून को एम्स बिलासपुर के प्रशासनिक भवन में प्री-बिड बैठक आयोजित की जाएगी। इस कैंटीन के शुरू होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों को परिसर के भीतर ही स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित दरों पर भोजन उपलब्ध हो सकेगा। खासकर रात के समय और आपातकालीन परिस्थितियों में यह सुविधा काफी राहत देने वाली साबित होगी।