नौ पंचायतों के लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल और दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों में जाने को मजबूर
स्वीकृत पद खाली होने से बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
समय पर उपचार नहीं मिलने से ग्रामीणों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं में डॉक्टरों के सभी पद खाली होने के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की करीब 20 हजार आबादी के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान माने जाने वाले इस केंद्र में वर्तमान में कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल बिलासपुर, सुंदरनगर या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बरमाणा वार्ड से जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार, पंजगाईं पंचायत के उप प्रधान सुनील गौतम ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर न होने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सीएचसी पंजगाईं आसपास की नौ पंचायतों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में यहां आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। कई बार लोगों को मामूली उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
ग्रामीणों के अनुसार सीएचसी पंजगाईं पर पंजगाईं, धौन कोठी, धार टटोह, सोलग जुरासी, द्रोबड़, जमथल, हरनोडा, बरमाणा और बैरी पंचायतों के लोग निर्भर हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध न होने से उन्हें अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जन प्रतिनिधियों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मरीज को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श या उपचार की आवश्यकता होने पर उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ता है। इससे कई बार उपचार में देरी हो जाती है और मरीजों के परिजनों की चिंता बढ़ जाती है। सुनील गौतम ने बताया कि हाल ही में क्षेत्र के एक मरीज की हालत खराब हो गई थी, उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन उन्हें इससे एलर्जी हो गई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें बड़े संस्थान रेफर करना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों के पद खाली होने के कारण लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए। उनका मानना है कि यदि अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्सकों की तैनाती हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है और उन्हें उपचार के लिए दूरदराज के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने मांग की कि सीएचसी पंजगाईं में जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जब तक स्थायी नियुक्तियां नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिकित्सकों की तैनाती की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो। सीएमओ बिलासपुर डॉक्टर शशि दत्त शर्मा ने कहा कि उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही नियुक्ति होगी।