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अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव में पहाड़ी पंजाबी गानों का तड़का

Sun, 03 Apr 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भराड़ी (बिलासपुर)।
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भराड़ी के अजमेरपुर उत्सव की पहली संध्या में कार्यक्रम पेश करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
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भराड़ी अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर खूब धमाल मचाया। सांस्कृतिक संध्या में मिस वंदना, विमल मौर्य और मास्टर लक्की की आवाज का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला।
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पहली सांस्कृतिक संध्या पर समाजसेवी राकेश चोपड़ा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।  पहली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गायक विमल मौर्य ने शिरडी वाले साईं बाबा से की। इसके बाद दर्द ए दिल दर्द..., जिगर मोहब्बत बरसा दे... सुनो न संगमरमर की दीवारें...सहित अन्य गीत प्रस्तुत किए। लोक गायिका मिस वंदना ने चंबा धार के नदियां पार... लच्छी-लच्छी लोक गलांदे... इस ग्राएं देया लंबड़ा वे... अम्मा पुछदी, गोल्डन झुमके...,  मेरा पिया घर आया हो राम जी...  ढोल बाजे ढोल बाजे के ढम ढम बाजे ढोल... बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी..., राधा तेरा झुमका..., लंदन ठुमक दा...सहित अन्य गीत प्रस्तुत कर पंडाल में मौजूद दर्शकों को खूब झुमाया।

गायक मास्टर लक्की ने प्यार दी जुगनी जी मेरे...,  कुड़िये नी तेरे ब्राउन रंग ने मुडें पट ते नी सारे मेरे टाउन दे... तेरी मेरी नई कहानी गल छेड़ा कोई पुरानी..., यारी चंडीगढ़ वालिये नी तेरी करागी हथ यार दे खड़े..., कजरा मुहब्बत वाला अखियों में ऐसा डाला..., साडा केड़ा बापू करदा ब्लैक नी...,  ढोलणा वे ढोलणा हाय ढोलणा... कोई हसीना जब रूठ जाती है तो और भी हसीन हो जाती है... वो पंजाबी बोले न ते में इंग्लिश बीच अड़दा सी... और ढोल जगीरों दा सहित अन्य हिंदी और पंजाबी गीत गाकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
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इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष करतार चौधरी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष अमींचंद सोनी, सुभाष ठाकुर, आजाद चंद, सतीश सहगल, ख्याली राम, प्रकाश, राजेश शर्मा, जे के शर्मा, कृष्ण और रवि कश्यप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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