बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अक्तूबर को एम्स का लोकार्पण करने बिलासपुर आएंगे। इसके लिए एम्स प्रबंधन बचे हुए कार्यों की तैयारी जोरों से कर रहा है। हालांकि डी ब्लॉक में अभी कार्य बाकी है, लेकिन प्रबंधन तैयारियां पूरी करवाने में जुटा है।
एम्स बिलासपुर में दो हेलीपैड तैयार कर दिए गए हैं। तीसरे हेलीपैड को तैयार करने का कार्य जोरों पर है। इन हेलीपैड पर मोदी के दौरे के दौरान एक साथ तीन हेलीकॉप्टर एक साथ लैंडिंग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से सीधे एम्स आएंगे और यहीं पर हेलीकॉप्टर से उतरेंगे। वहीं, एम्स का 15 बिस्तरों का आईसीयू पूरी तरह से तैयार है। आधुनिक उपकरणों से लैस आईसीयू में स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी गई है। इसके अलावा एम्स का ऑडिटोरियम भी तैयार हो चुका है। यहां पर ही एम्स के सभी कार्यक्रम आयोजित होंगे। खास बात यह है कि इस ऑडिटोरियम को एनएच के नीचे से रोड निकालकर एम्स से जोड़ा गया है।
ऑडिटोरियम बिलासपुर-शिमला एनएच के दूसरी तरफ है। अगर इसके लिए रास्ता सड़क से ही रहता तो यहां पर परेशानी का सामना करना पड़ता। अब एम्स से सीधे अंडरपास बनाकर ऑडिटोरियम में जोड़ा गया है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा है और इसे पांच अक्तूबर से पहले पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
वहीं, एम्स में कक्षाएं लगाने के लिए आधुनिक लेक्चर थियेटर भी तैयार कर दिया गया है। बताते चलें कि एम्स में चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया लगातार जारी है। हाल ही में प्रबंधन ने 26 जूनियर रेजिडेंट की पोस्ट के लिए आवेदन मांगे हैं। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अन्य तैयारियों को लेकर भी एम्स प्रबंधन काम कर रहा है। प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि और जिला प्रशासन भी समय-समय पर तैयारियों का निरीक्षण कर रहा है।
एम्स के एमएस डॉक्टर दिनेश वर्मा ने कहा कि एम्स में उद्घाटन से पहले सभी आपात सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। सिटी स्कैन मशीन शुरू हो गई है। एमआरआई को पांच अक्तूबर तक शुरू कर दिया जाएगा। दो आपात ऑपरेशन थियेटर शुरू होंगे। कहा कि पीएम के दौरे की तैयारी लगभग पूरी है। जो कार्य शेष हैं उन्हें युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। एम्स जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार है।
इनसेट
एम्स का रिकॉर्ड समय में हुआ निर्माण
दो साल कोरोना काल रहने के बाद भी बिलासपुर एम्स का रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा किया गया। चिकित्सकों की नियुक्ति, नर्सिंग स्टाफ व अन्य औपचारिकताएं मात्र पांच साल में पूरी की गईं। जबकि देश में किसी भी एम्स को इतने कम समय में तैयार नहीं किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण केंद्र की सीधी नजर इस परियोजना पर रही और इसे रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया।