डिजिटल न चलाएं एनाटॉमी विभाग में हाई-टेक स्लाइड सेट से बदलेगी बीमारी पहचान की प्रक्रिया हाई-टेक स्लाइड, आधुनिक सर्जरी उपकरण, तकनीकी सुधार से बदलेगी तस्वीर प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में इलाज होगा ज्यादा सटीक, मरीजों को मिलेगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। संस्थान ने जहां एक ओर गंभीर बीमारियों की सूक्ष्म पहचान के लिए अत्याधुनिक हिस्टोलॉजी स्लाइड सेट खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है, वहीं दूसरी ओर मरीजों की सुविधा और अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर भी फोकस किया गया है।
इन पहलों से न केवल मेडिकल शिक्षा और शोध को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम मरीजों को भी बेहतर, तेज और सटीक इलाज का सीधा लाभ मिलेगा। एम्स बिलासपुर के एनाटॉमी (शरीर रचना विज्ञान) विभाग के लिए 30 अत्याधुनिक हिस्टोलॉजी स्लाइड सेट खरीदे जा रहे हैं। ये स्लाइड मानव शरीर के विभिन्न अंगों के ऊतकों के सूक्ष्म नमूने होते हैं, जिनके माध्यम से कोशिका स्तर पर बीमारी के बदलावों को समझा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जटिल बीमारियों में सही इलाज से पहले सटीक पहचान सबसे अहम होती है। इन स्लाइड्स की मदद से मेडिकल छात्र और डॉक्टर यह जान सकेंगे कि कैंसर, ट्यूमर या संक्रमण जैसी बीमारियों में कोशिकाओं की संरचना कैसे बदलती है। ऊतकों की गहरी समझ से बायोप्सी रिपोर्ट पढ़ने की क्षमता बेहतर होगी, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में संभव हो सकेगी। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञता विकसित होने से मरीजों को जांच या दूसरी राय के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। सही समय पर सही इलाज मिलने से अनावश्यक दवाओं और उनके दुष्प्रभावों से भी बचाव होगा। संस्थान ने स्लाइड सेट की खरीद के लिए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई है।
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एनाटॉमी विभाग में क्या बदलेगा
30 हाईटेक हिस्टोलॉजी स्लाइड सेट की खरीद, कोशिका स्तर पर बीमारी पहचान में मदद, मेडिकल शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा। जेरोक्स मशीन एएमसी से यह फायदा होगा कि हर तीन महीने में प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, रिपोर्ट और पर्ची मिलने में कोई देरी नहीं होगी। इसके साथ ही स्त्री रोग विभाग में नई सुविधा में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक बिसेक्टर उपकरण कम रक्तस्राव, ज्यादा सुरक्षित सर्जरी, मरीजों की तेजी से रिकवरी शामिल है।
मरीजों की सुविधा के लिए तकनीकी सुधार, रिपोर्ट-पर्ची के लिए नहीं करना होगा इंतजार
एम्स बिलासपुर ने अस्पताल परिसर में स्थापित जेरोक्स फोटोकॉपी मशीनों के व्यापक रखरखाव के लिए भी निविदा जारी की है। अस्पताल में ओपीडी पर्ची, जांच रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी के लिए मरीजों को मशीन खराब होने की स्थिति में लंबा इंतजार करना पड़ता है। नए रखरखाव अनुबंध के तहत हर तीन महीने में मशीनों की सर्विसिंग की जाएगी, जिससे तकनीकी दिक्कतें कम होंगी और मरीजों को समय पर दस्तावेज उपलब्ध होंगे।
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महिला मरीजों के लिए राहत, स्त्री रोग विभाग में आएंगे नए सर्जिकल उपकरण
एम्स बिलासपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक बिसेक्टर उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन उपकरणों की मदद से दूरबीन वाली सर्जरी को और सुरक्षित व प्रभावी बनाया जाएगा। डॉक्टर इन उपकरणों से सर्जरी के दौरान सात मिमी तक की रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित तरीके से संभाल सकेंगे, जिससे खून बहने का जोखिम कम होगा। लेप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीजों को कम दर्द होगा और वे जल्दी स्वस्थ होकर घर लौट सकेंगी।
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