नगर परिषद के नौ वार्डों में 25 उम्मीदवार मैदान में
इंदिरा वार्ड से तृप्ता देवी, कल्याणा वार्ड से सतीश कुमार शर्मा ने वापस लिया नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के चुनावों में नाम वापसी के अंतिम दिन बुधवार को राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। कुल 28 उम्मीदवारों में से दो ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जबकि एक उम्मीदवार की ओर से दाखिल दो नामांकन पत्रों में से एक रद्द कर दिया गया। इसके बाद अब नगर परिषद के नौ वार्डों में कुल 25 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है।
नाम वापसी के अंतिम दिन वार्ड नंबर 2 (इंदिरा वार्ड) से उम्मीदवार तृप्ता देवी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। वहीं वार्ड नंबर 5 (कल्याणा वार्ड) से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सतीश कुमार शर्मा ने भी अपना नाम वापस लेकर सभी को चौंका दिया। इन दोनों के हटने से संबंधित वार्डों में समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं और प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर की स्थिति बनने लगी है। अब स्थिति यह है कि चार वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। इनमें वार्ड नंबर 2 (इंदिरा वार्ड), वार्ड नंबर 6 (जगदंबा वार्ड), वार्ड नंबर 7 (बजोहा वार्ड) और वार्ड नंबर 9 (दकड़ी वार्ड) शामिल हैं, जहां दो-दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इन वार्डों में चुनाव काफी रोमांचक होने की संभावना है, क्योंकि मतदाताओं के पास सीमित विकल्प हैं और हर वोट निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
इसके अलावा अन्य वार्डों में बहुकोणीय मुकाबले बने हुए हैं। वार्ड नंबर 1 बडू में तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि वार्ड नंबर 3 (आंबेडकर वार्ड) में चार प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। वार्ड नंबर 5 (कल्याणा वार्ड) में भी चार उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। वहीं वार्ड नंबर 8 (टिकरी वार्ड) में तीन उम्मीदवार आमने-सामने हैं, जिससे यहां भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया के तहत आज सभी 25 उम्मीदवारों को उनके-उनके चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अब प्रत्याशी पूरी तरह से चुनावी प्रचार में जुट गए हैं और अपने-अपने चिह्न के साथ मतदाताओं तक पहुंच बनाना शुरू कर दिया है। चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है। नगर परिषद घुमारवीं के ये चुनाव स्थानीय विकास, मूलभूत सुविधाओं और नेतृत्व की कसौटी पर उम्मीदवारों की परीक्षा होंगे। अब देखना यह होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और किसके सिर जीत का ताज सजता है।