बिलासपुर। मंडी जिले के सुंदरनगर में जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद बिलासपुर में भी आबकारी विभाग ने मंडी से सटे क्षेत्रों के शराब के ठेकों और संदिग्ध स्थानों पर दबिश शुरू कर दी है। विभाग ने जिले से तीन दिन में 50 के करीब शराब के सैंपल भरकर कंडाघाट लैब भेजे हैं, ताकि इनकी जांच से पता चल सके कि इस शराब में किसी तरह की कोई मिलावट तो नहीं है।
पंजाब सीमा से सटे होने के कारण बिलासपुर जिले में भी शराब तस्करों की गतिविधियां तेज रहती है। साल 2021 की बात करें तो बिलासपुर में तीन ट्रक अवैध शराब के सीधे तौर पर पुलिस ने बरामद किए थे। जिनमें से सैकड़ों के हिसाब से शराब की पेटियां बरामद हुई थीं। वहीं, पुलिस थानों के छापों में दस से पंद्रह लीटर अवैध शराब तो बरामद होती ही रहती है। जिसे चाय की दुकानों से लेकर किराना स्टोर के मालिक अवैध रूप से बेचते हैं, लेकिन अभी तक न ही पुलिस और न ही आबकारी विभाग अवैध शराब के मामलों को लेकर इतना संजीदा था। बात अगर श्री नयना देवी जी विस क्षेत्र की करें तो वहां पर मजारी, झिड़ियां और उसके साथ लगते क्षेत्र में न केवल अवैध शराब की बिक्री होती है बल्कि कच्ची शराब बनाई भी जाती है। पुलिस के सिवाय किसी ने भी आज तक इन शराब तस्करों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब मंडी में जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने जिला में शराब के ठेकों पर दबिश देना शुरू किया है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि मंडी में जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद मंडी सीमा के साथ सटे क्षेत्रों के शराब के ठेकों से सैंपल भरे गए हैं। उन्हें जांच के लिए कंडाघाट भेजा गया है। इसके अलावा विभाग की ओर से संदिग्ध स्थानों पर दबिश भी की गई है, लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा है। जिले में अभी सैंपल भरने की प्रक्रिया जारी है। जिला के हर शराब के ठेके से शराब के सैंपल भरे जाएंगे और उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।