सदर थाना के तहत पडगल गांव में एक परिवार को बिना मुआवजा दिए मकान गिराने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि एनएचएआई ने जबरदस्ती उनका मकान गिरा दिया है। इससे वह सड़क पर आ गए हैं। परिवार के अनुसार एसडीएम ने मुआवजा न मिलने की स्थिति में मकान न गिरने के आदेश दिए थे।
मगर इसके बावजूद एनएचएआई ने राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में जबरन उन्हें घर से बाहर कर घर पर जेसीबी चला दी। शिकायत पत्र में पडगल गांव की प्रेमी देवी (60) ने बताया कि उनका मकान बिलासपुर-नेरचौक फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए अर्जित किया गया था। जबकि अन्य भूमि भी सड़क निर्माण के लिए अर्जित की गई है।
मगर मकान और भूमि का मुआवजा एनएचएआई ने अभी तक जारी नहीं किया है। इस बारे में जब एसडीएम सदर से मांग की गई थी, तो उन्होंने एनएचएआई को मेरे हिस्से की रकम को जारी करने का आदेश 21-11-2016 को दिया था।
साथ ही रकम न मिलने तक मकान न गिराने को भी कहा था। मगर 14 फरवरी को फोरलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी के नायब तहसीलदार, पुलिस कर्मचारी और कंपनी के कर्मचारी उनके घर में जबरदस्ती घूस गए। उन्होंने उन्हें घर से बाहर निकलने को कहा और मकान गिराने की बात कही।
इस पर उन्होंने एसडीएम के आदेश की कॉपी उन्हें दी, लेकिन कर्मचारियों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। साथ ही उन्हें और उनकी 95 वर्षीय सास को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद जेसीबी के माध्यम से उनका मकान गिरा दिया गया। प्रेमी देवी का आरोप है कि एनएचएआई ने उन्हें कोई मुआवजा दिए बिना ही उनका मकान गिरा दिया है।
इससे पहले न ही उनके रहने का कोई प्रबंध किया गया है, जो कि कानून का उल्लंघन है। जबरदस्ती मकान गिरने से वह बेघर हो गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उक्त सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। ताकि उन्हें न्याय मिल सके। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक राहुल नाथ ने बताया कि इस बारे में शिकायत आई है। मामले को लेकर जांच की जाएगी।