फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: कृपाण से 13 वार करने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
जज बोले, सीसीटीवी फुटेज से सुलझी साजिश की परतें, जानलेवा था हमला
विज्ञापन

-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने की सुनवाई

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वारघाट क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट के पास हुए खूनी संघर्ष के मुख्य आरोपी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह केवल अचानक हुआ झगड़ा नहीं, बल्कि सोच-समझकर की गई जानलेवा साजिश थी।
बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि यह नेशनल हाईवे पर दो गुटों के बीच अचानक हुआ झगड़ा था, जिसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं। हालांकि, पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के टाइमलाइन ने इस दावे को नकार दिया। कोर्ट ने पाया कि वारदात से करीब एक घंटा पहले आरोपियों की गाड़ियां वहां पहुंच चुकी थीं और वे हथियारों के साथ लैस थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पीड़ित को खींचते हुए और उसके सिर व शरीर पर करीब 13 बार कृपाण से वार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। एम्स बिलासपुर की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित के सिर पर लगी चोटें जानलेवा थीं। वारदात में इस्तेमाल की गई कृपाण अभी तक बरामद नहीं हुई है। आरोपी वारदात के बाद 6 दिनों तक फरार रहा और साक्ष्यों को छिपाने की कोशिश की। आरोपी के खिलाफ पहले भी सदर थाना बिलासपुर में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। हमले में शामिल दो नकाबपोश आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। न्यायाधीश ने ट्रिपॉड टेस्ट (भागने का खतरा, सबूत मिटाना और गवाहों को डराना) का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी को जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा और गवाहों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए याचिका को योग्यता होनी पाकर खारिज कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें