उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता। स्रोत: एबीवीपी
पुनर्मूल्यांकन फीस बढ़ोतरी वापस लेने समेत कॉलेजों की समस्याएं उठाईं
झंडूता-जुखाला कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने का मुद्दा भी उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। जिला संयोजक देवार्य टाडू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी कर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन में करीब 100 विद्यार्थी शामिल हुए। जिला संयोजक देवार्य टाडू और झंडूता नगर अध्यक्ष शीतल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय की पुनर्मूल्यांकन फीस 300 से बढ़ाकर 1000 रुपये किए जाने को विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। साथ ही लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
एबीवीपी ने डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में 50 से 60 प्रतिशत और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में 12 से 18 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। इसके अलावा प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई।
एबीवीपी ने बिलासपुर कॉलेज में एमसीए और एमबीए शुरू करने, कॉलेज की सड़क दुरुस्त करने, झंडूता कॉलेज में विज्ञान संकाय भवन का निर्माण शुरू करने और झंडूता व जुखाला कॉलेज में बीकॉम और बीएससी के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की। झंडूता कॉलेज में भूगोल शिक्षक की तैनाती की मांग भी उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी। प्रदर्शन में एबीवीपी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।