फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: पार्किंग प्लान बना, जगहें चिह्नित हुईं, पर तीन वर्ष से धरातल पर नहीं उतर पाई व्यवस्था

विज्ञापन
घुमारवीं यातायात का दबाव। संवाद
विज्ञापन
घुमारवीं के लिए 2023 में 22 जगह लोडिंग-अनलोडिंग और करीब 20 पार्किंग स्थल किए थे चिह्नित
विज्ञापन

गांधी चौक से मुख्य बाजार तक बेतरतीब खड़े वाहन बन रहे जाम का कारण

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर को जाम और बेतरतीब पार्किंग से निजात दिलाने का पार्किंग प्लान तीन वर्ष बाद भी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाया है। वर्ष 2023 में तैयार और मंजूर किए गए प्लान से शहरवासियों को उम्मीद थी कि बाजार में पार्किंग की समस्या कम होगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। योजना में पार्किंग जोन, नो पार्किंग जोन और व्यावसायिक वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर काम अधूरा होने के कारण व्यवस्था आज भी पुराने ढर्रे पर चल रही है। पार्किंग प्लान में गांधी चौक से उपमंडल कार्यालय और गांधी चौक से होटल एम4यू तक नो पार्किंग जोन प्रस्तावित किया गया था। मुख्य बाजार में सुबह 8:30 से 11 बजे और अपराह्न 3 से शाम 6 बजे तक व्यावसायिक वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग प्रतिबंधित रखने का प्रावधान किया गया था। इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र में करीब 22 स्थान चिह्नित किए गए थे। इसका उद्देश्य बाजार की सड़कों पर व्यावसायिक वाहनों के खड़े रहने से पैदा होने वाली बाधा को कम करना था। वहीं डाकघर से अबधानीघाट तक पार्किंग जोन समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग के लिए करीब 20 स्थान तय किए गए थे। योजना को लागू करने की कवायद शुरू भी हुई, लेकिन काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका।
पीली लाइन से लेकर टाइलों तक काम अधूरा
नगर परिषद ने कुछ स्थानों पर पीली लाइन लगाने का काम किया, लेकिन कई जगह यह अधूरा रह गया। पार्किंग जोन में टाइलें लगाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। निर्धारित स्थान पूरी तरह विकसित और स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं होने से वाहन चालकों को पार्किंग के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कई वाहन सड़क किनारे ही खड़े किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

व्यस्त समय में बढ़ जाता है जाम
मुख्य बाजार में सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण सड़क की उपलब्ध जगह कम हो जाती है। इससे कई स्थानों पर यातायात धीमा होने के साथ जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग के लिए स्थान पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं, ऐसे में उन्हें विकसित कर व्यवस्था लागू करने में इतनी देरी नहीं होनी चाहिए थी।
विज्ञापन

एनएचएआई की आपत्ति से रुका काम
नगर परिषद अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि पार्किंग प्लान के तहत कुछ स्थानों पर किए जाने वाले कार्य को लेकर एनएचएआई की ओर से आपत्ति जताई गई है। प्राधिकरण ने इन स्थानों पर अपना अधिकार बताया है, जिसके बाद काम रोकना पड़ा। एनएचएआई अधिकारियों से दोबारा बातचीत की जा रही है, ताकि आपत्तियों का समाधान किया जा सके। इसके बाद पार्किंग प्लान को आगे बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें