नयनादेवी (बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवी में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार शाम से शुरू हुआ श्रद्धालुओं की आमद का सिलसिला रविवार शाम तक जारी रहा। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यात्रियों को मंदिर में दर्शन के लिए काफी देर तक कतारों में खड़े रहना पड़ा। इस दौरान उन्हें बदन झुलसा देने वाली कड़क धूप का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसका उनके उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नयनादेवी में हिमाचल के साथ पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालुओं के जत्थे आने का सिलसिला शनिवार शाम से ही शुरू हो गया था। भीड़ को देखते हुए रविवार तड़के चार बजे ही मंदिर के किवाड़ खोल दिए गए। किवाड़ खुलते ही मौके पर पहुंचे मंदिर अधिकारी सुखदेव सिंह ठाकुर ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर मंदिर न्यास कर्मचारियों तथा सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंदिर परिसर में दोपहर के समय श्रद्धालुओं को तेज धूप से बचाने के लिए छायादान भी लगाए गए। दोपहर 12 बजे जब आरती को मंदिर के द्वार बंद किए गए तो श्रद्धालुओं की भीड़ फ्लाई ओवर से होते हुए सेक्टर 4 व 5 तक पहुंच गई। कोट थाना प्रभारी श्याम चंद की अगुवाई में पुलिस व होमगार्ड के जवान पूरी तरह मुस्तैद रहे। मंदिर में दर्शन के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालु ‘चलो बुलावा आया है’, ‘जोर से बोलो जय माता दी’ व ‘एक-दो-तीन-चार, मैया जी की जय-जयकार’ जैसे उद्घोष लगाते रहे। इससे माहौल भक्तिमय हो उठा। भीड़ के मद्देनजर मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम सदर रोहन ठाकुर ने भी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एक अनुमान के अनुसार शनिवार शाम से रविवार शाम तक लगभग 50 हजार श्रद्धालुआें ने मंदिर में माथा टेका।