घुमारवीं विशेष न्यायालय ने सुनाई दो-दो साल की सजा
20-20 हजार रुपये जुर्माना, साजिश के आरोप से दोनों बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं के विशेष न्यायालय ने करीब सात वर्ष पुराने चिट्टा तस्करी मामले में फैसला सुनाया है। दो आरोपी दिनेश कुमार और अनिल कुमार को दोषी करार दिया गया है। उन्हें दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। यह घटना 28 सितंबर 2019 को चेहड़ी क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने स्वारघाट से आए एक ट्रक को जांच के लिए रोका था।
विशेष न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने यह सजा सुनाई है। दिनेश कुमार निवासी मसौर और अनिल कुमार निवासी लुहारवीं को दोषी ठहराया गया। उन्हें एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(बी) के तहत दोषी पाया गया। हालांकि, अभियोजन पक्ष आपराधिक साजिश का आरोप साबित नहीं कर सका। इसलिए अदालत ने उन्हें धारा 29 के आरोप से बरी कर दिया। मामले का तीसरा आरोपी कुलविंदर सिंह सुनवाई के दौरान निधन हो गया था। उसके विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
अदालत का फैसला और सजा
मुकदमे में 14 गवाहों के बयान दर्ज हुए, पर स्वतंत्र गवाह मुकर गए। अदालत ने माना कि पुलिस गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्य विश्वसनीय होने पर दोषसिद्धि हो सकती है। न्यायालय ने पाया कि चिट्टा आरोपियों के कब्जे वाले ट्रक से मिला था। दोनों आरोपी उसके सचेत कब्जे में थे, जिससे धारा 21(बी) के तहत अपराध सिद्ध हुआ। अदालत ने दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।