अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उपायुक्त विवेक भाटिया ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए बालकों, नियोजकों व आम जनता की जागरूकता के लिए चाईल्ड लाइन 1098 के पोस्टर का अनावरण किया गया। वहीं इस मौके पर बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 तथा बालकों से संबंधित अन्य कानूनों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी, उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत बतौर निरीक्षक नियुक्त हिमाचल प्रदेश सरकार के 17 विभागों के अधिकारियों एवं अन्य ड्यूटी होल्डर्स को प्रदान करने के लिए जिला परिषद हाल बिलासपुर में कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।
उपायुक्त की ओर से कार्यशाला में बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 व बाल श्रम से संबंधित अन्य कानूनों को लागू करने के लिए उपायुक्त के निर्देशानुसार तैयार की गई गाइड लाइन बारे श्रम अधिकारी प्यारे लाल शाहू ने जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई नियोक्ता बाल श्रमिक नौकरी पर रखता है तो उसे 6 माह से 2 वर्ष तक की कैद या 20 हजार से 50 हजार तक के जुर्माने की सजा है। यदि कोई नियोक्ता फिर से जुर्म करता है तो उसे 3 वर्ष तक की कैद की सजा हो सकती है।
अनिल शर्मा अध्यक्ष बाल कल्याण समिति बिलासपुर द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 व बाल कल्याण समिति के कार्यों के बारे कार्यशाला में जानकारी दी गई। अधिवक्ता नीरज वासू सदस्य जेजे बोर्ड बोर्ड ने विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। एएसपी भागमल ठाकुर ने बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1976 के बारे में विचार प्रकट किए। जबकि रमेश सांख्यान जिला बाल संरक्षण अधिकारी बिलासपुर द्वारा जेजे एक्ट 2015 व उनके विभाग एवं बाल संरक्षण यूनिट द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
-----------------