बिलासपुर। जिला में बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से बागवानों को करीब 45 लाख की चपत लगी है। इसके चलते सबसे अधिक नुकसान आम, लीची, अनार सहित अन्य नकदी फसलों को पहुंचा है। बेमौसमी बारिश के चलते बागवानों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जिले के ऊपरी और मैदानी क्षेत्रों में आम, लीची व स्ट्राबेरी, अनार का उत्पाद होता है। इस बार बेमौसमी बारिश के कारण लगभग हर फसल प्रभावित हुई है। अधिकतर क्षेत्रों में आम, लीची और अनार की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा अन्य फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। विभाग का मानना है कि अगर बेमौसमी बारिश का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो जितनी फसल बची हुई है वह भी प्रभावित हो जाएगी।
जिले में आम का उत्पाद सबसे अधिक होता है। लेकिन, तूफान के कारण जहां आम के पेड़ टूट गए हैं, वहीं पेड़ों पर जो फल लगे थे वह भी नीचे गिर गए हैं। ओलावृष्टि के कारण आम खराब हो गए हैं।
उद्यान विभाग बिलासपुर के उप निदेशक राकेश गोयल ने बताया कि तूफान, ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश के कारण विभाग ने 28 अप्रैल से 9 मई तक 45 लाख का नुकसान बागवानों का आंका है। आम, लीची, अनार सहित अन्य फलदार फसलें फसलें प्रभावित हुई हैं।