बिलासपुर। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की हार के बाद कांग्रेस के महासचिव रामलाल ठाकुर की जीत उनके कॅरिअर के लिए नए आयाम स्थापित कर सकती है। वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाने वाले रामलाल ठाकुर को अब पार्टी और विपक्ष में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि रामलाल ठाकुर को राजनीति का लंबा अनुभव है। वहीं पूर्व में सरकार में कई बड़े मंत्री पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में अब रामलाल ठाकुर के अच्छे दिन आना लगभग तय है।
गौर रहे कि पूर्व में वीरभद्र सिंह के मंत्रिमंडल में रामलाल ठाकुर वन मंत्री, कानूनी मंत्री, खेल मंत्री आदि बड़े पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वीरभद्र सिंह का करीबी होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में हार के बाद भी उन्हें सरकार में 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति का चेयरमैन बनाया गया। वहीं विधानसभा में भी कैबिनेट रैंक दिया गया। लेकिन अब प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं की हार के बावजूद रामलाल ठाकुर ने जीत प्राप्त की है। ऐेसे में अब श्रीनयनादेवी विस क्षेत्र के लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया है कि वीरभद्र सिंह अब उन्हें विपक्ष का नेता घोषित कर सकते हैं। इसके पीछे एक कारण यह भी माना जा रहा है कि रामलाल ठाकुर वीरभद्र सिंह के साथ हर समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। भले ही संगठन ने एक समय वीरभद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उस समय भी रामलाल ठाकुर वीरभद्र के साथ खड़े थे।