बरमाणा (बिलासपुर)। उपायुक्त को एक माह पहले मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन, कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन व एसीसी कंपनी के खिलाफ आंदोलन का मन बना लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन एक माह बीत जाने पर भी कोई ठोक कदम नहीं उठाए गए हैं। एसीसी के माइनिंग एरिया में अब आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी एसीसी प्रबंधन, जिला प्रशासन और सरकार की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि एसीसी लगातार माइनिंग एक्ट की धज्जियां उड़ा रहा है। कुनणु, धौण कोठी, बलोह गांव एसीसी के माइनिंग एरिया के साथ लगते हैं। जो कि डेंजर जोन में आते हैं। माइनिंग एक्ट के तहत माइनिंग एरिया से हवाई रास्ते से 300 मीटर के दायरे में आने वाली जमीन व मकान डेंजर एरिया में होते हैं। जबकि उक्त तीनों गांव 300 मीटर के दायरे में आते हैं। जबकि एसीसी ने इन गांवों को डेंजर जोन में नहीं लिया है। लगातार आए दिन यहां पर एसीसी द्वारा भारी ब्लास्टिंग की जा रही है।
कंपनी द्वारा की जा रही भारी ब्लास्टिंग से जहां उक्त गांव के कई घर गिरने की कगार पर हैं, वहीं कई घरों में दरारें पड़ रही हैं। वार्ड मेंबर सुनील गौतम, कांता देवी, नरोत्तम दत्त, आशीष गौतम, शिव गौतम, सोनू ठाकुर व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि एसीसी कंपनी की ब्लास्टिंग से उन्हें ध्वनि और वायु प्रदूषण से दिन-रात जूझना पड़ रहा है। अब भारी ब्लास्टिंग से घरों के गिरने की नौबत आ गई है। लोग दिन-रात मौत के खौफ में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बार-बार जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। लेकिन, कोई समाधान नहीं हुआ। एक महीना पहले जिला उपायुक्त को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा था। लेकिन, एक माह बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बीडीसी भुवनेश गौतम, वार्ड मेंबर सुनील गौतम और एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने चेताया है कि जिला प्रशासन के रवैये को देखते हुए उन्होंने तय किया है कि वे अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि जल्द ही ग्रामीणों के साथ मिलकर एसीसी कंपनी के माइनिंग एरिया में आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिला प्रशासन, एसीसी और प्रदेश सरकार की जिम्मेवार होगी।
मामले में की जा रही कार्रवाई : उपायुक्त
उपायुक्त बिलासपुर ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में शिकायत आई है। जिस पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।