शिक्षकों की कमी दूर करने के बजाय हो रही प्रतिनियुक्तियां, दो शिक्षक वाले स्कूल भी हो रहे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले की प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षकों की कमी गंभीर होती जा रही है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुसार बिलासपुर की करीब 65 फीसदी प्राथमिक पाठशालाएं एकल शिक्षक के सहारे चल रही हैं या वहां शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, नई कांप्लेक्स प्रणाली की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वीरवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला बिलासपुर की सभी छह खंड कार्यकारिणियों की वर्चुअल बैठक जिला प्रधान राकेश पटियाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्राथमिक शिक्षकों की समस्याओं और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। जिला प्रधान राकेश पटियाल ने कहा कि नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली लागू करते समय यह दावा किया गया था कि कांप्लेक्स मुखिया अपने स्तर पर संबंधित पाठशालाओं में शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में व्यवस्था बनाने के लिए अब भी बीईईओ या उपनिदेशक कार्यालय से उन पाठशालाओं के शिक्षकों को प्रतिनियुक्त किया जा रहा है, जहां पहले से दो शिक्षक उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि कई कांप्लेक्स प्रमुखों ने भी अपने स्कूलों से शिक्षक भेजने में असमर्थता जताई है। उनका तर्क है कि शिक्षक को प्रतिनियुक्त करने से उनकी पाठशालाओं की बड़ी कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होगी। पटियाल ने कहा कि इससे कॉम्प्लेक्स प्रणाली को लेकर किए गए दावों और धरातल की स्थिति में अंतर साफ दिखाई देता है। पटियाल ने कहा कि 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्राथमिक शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया था। इनमें अंडर-12 खेलकूद बहाल करना, कांप्लेक्स प्रणाली को हटाना या संशोधित करना, निलंबित शिक्षकों को बहाल करना, शिक्षकों पर दर्ज एफआईआर वापस लेना और जेबीटी से टीजीटी, मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक व बीईईओ पदों पर पदोन्नति सहित अन्य मांगें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख के बावजूद विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे शिक्षकों में रोष है। उन्होंने कहा कि राज्य कार्यकारिणी की ओर से जो भी संघर्षात्मक निर्णय लिया जाएगा, उसमें बिलासपुर के शिक्षक पूरा सहयोग करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन विधानसभा चुनाव 2027 तक जारी रखा जाएगा। बैठक में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, महासचिव बाबू लाल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, मुख्य सलाहकार राज कुमार सहित सभी छह खंडों के पदाधिकारी मौजूद रह
5000 जेबीटी पद भरने की मांग
संघ ने प्रदेश की प्राथमिक पाठशालाओं में रिक्त करीब 5000 जेबीटी पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। संघ का कहना है कि इससे प्रशिक्षित बेरोजगार जेबीटी युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होने से बचेगी।