प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने पर लोनिवि ने दी जानकारी
862.71 किलोमीटर लंबाई की सड़कें पूरी, 112.18 किलोमीटर निर्माणाधीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर जिले में ग्रामीण सड़क नेटवर्क ने जीवन बदलने वाला असर दिखाया है। जिले की 624 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए अब तक 452 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रेस वार्ता में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जीत ठाकुर ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि योजना के तीन चरणों के तहत जिले में कुल 862.71 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बन चुकी हैं, जबकि 112.18 किलोमीटर सड़क निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के अवसरों तक आसान पहुंच सुनिश्चित की है। तीन चरणों में सड़क के विकास कार्य हुए। योजना-एक के तहत 133 बस्तियों को सड़क से जोड़ा गया। योजना दो के तहत छह सड़कों के माध्यम से 27 बस्तियों को लाभ मिला, कुल लंबाई 66.32 किलोमीटर रहा। योजना तीन के तहत 19 सड़कों के जरिए 464 बस्तियों का संपर्क सुनिश्चित हुआ, कुल लंबाई 184.62 किलोमीटर रही।
ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–एक एवं दो के तहत कुल 157 सड़कें निर्मित की जा चुकी हैं, जबकि योजना–तीन में 19 सड़कें निर्माणाधीन हैं। अब तक 862.71 किलोमीटर लंबाई का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं 112.18 किलोमीटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कहा कि योजना ने न केवल परिवहन की सुविधा बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव लाया है। अब छात्र-छात्राएं स्कूल आसानी से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पा रहे हैं और किसान अपनी उपज जल्दी बाजार तक पहुंचा रहे हैं। कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि विकास की धुरी है। जब सड़क गांव तक पहुंचती है, तो विकास हर घर तक पहुंचता है। कहा कि भविष्य में यह योजना ग्रामीण हिमाचल की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी और प्रदेश के समग्र विकास में निर्णायक भूमिका निभाएगी।