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बदमाशों के एनकाउंटर के बाद उठे नयना देवी मंदिर सुरक्षा पर सवाल

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Gun Point - फोटो : Demo Photo
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खेमराज शर्मा
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बिलासपुर। श्रीनयना देवी में शनिवार सुबह अढ़ाई बजे के आसपास हुए पंजाब पुलिस की गोली का शिकार हुए बदमाश की मौत के बाद श्रीनयना देवी मंदिर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बदमाश पंजाब से श्रीनयना देवी माथा टेकने जा रहे थे लेकिन पंजाब पुलिस ने उन्हें मंदिर जाने से पहले ही रोक लिया, एक पुलिस की गोली का शिकार हो गया। जबकि दो को गिरफ्तार कर लिया। सोचने वाली बात यह है कि अगर यह गोली श्रीनयना देवी मंदिर परिसर के आसपास चली होती तो मामला कुछ भी हो सकता था।
उल्लेखनीय है कि श्रीनयना देवी में अगले माह 12 अगस्त से श्रावण अष्टमी के मेले लगने वाले हैं। मेले 12 से 20 अगस्त तक चलेंगे। मेले के दौरान यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। मेले के दौरान हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित देश-विदेश से भी भारी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के साथ बाहरी राज्यों से बदमाशों के पहुंचने का खतरा भी बना रहता है। हालांकि हर बारी प्रशासन यहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करता है लेकिन उसके बावजूद भी बाहरी राज्यों से बदमाश यहां पर पहुंच जाते हैं जिससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं।
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वहीं पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यहां पर सुबह ही श्रीनयना देवी को जाने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। किसी भी वाहन को यहां से जाने नहीं दिया जा रहा था लेकिन शाम को ही करीब चार बजे रास्ता खोल दिया गया था।
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एसडीएम श्रीनयना देवी व मंदिर न्यास अध्यक्ष अनिल चौहान का कहना है कि श्रद्धालु व मंदिर की सुरक्षा को लेकर इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है। बेखौफ होकर श्रद्धालु मंदिर आ सकते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि शाम चार बजे के बाद पुलिस द्वारा सील किया हुआ सड़क मार्ग खोल दिया गया है जिससे आवाजाही शुरू हो गई है।
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