डीएवी स्कूल बिलासपुर में परीक्षा देने जाते दसवीं कक्षा के बच्चे।
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बिलासपुर। जिले में मंगलवार को सीबीएसई बोर्ड की दसवीं कक्षा की टर्म वन की परीक्षा शुरू हो गई है। सीबीएसई दसवीं कक्षा के 523 विद्यार्थियों ने जिले के पांच केंद्रों में अपनी सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा दी। वहीं पहली बार परीक्षा ओएमआर शीट पर ली गई। 50 प्रश्नों के लिए विद्यार्थियों को 90 मिनट का समय दिया गया था। वहीं इस दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर एसओपी की सख्ती से पालना हुई।
सुबह पौने 11 बजे कुछ बच्चे स्कूल बसों में परीक्षा केंद्रों में पहुंचे। वहीं कुछ अपने निजी वाहनों में आए। कोविड के बीच पहली बार विद्यार्थी स्कूल में पेपर देने के लिए पहुंचे। परीक्षा केंद्रों के बाहर विद्यार्थियों की चहल-पहल रही। वहीं 11:15 परीक्षा सेंटर डीएवी बिलासपुर, डीएवी बरमाणा के मुख्य द्वार पर स्कूल स्टाफ की ओर से तैनात कर्मी विद्यार्थियों के हैंड सैनिटाइज और मास्क की जांच करते नजर आए। इस दौरान ज्यादातर विद्यार्थियों ने मास्क के साथ गलव्स भी पहने हुए थे।
11 बजकर 25 मिनट पर सभी विद्यार्थी अपने अपने कमरे में बैठ गए। जिसके बाद विद्यार्थियों को पेपर से संबंधित जानकारी दी गई। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को एक डेस्क छोड़ कर बिठाया गया। साढ़े 11 बजे विद्यार्थियों की परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा पूर्ण होने के बाद पंक्ति के साथ विद्यार्थी बाहर निकले। परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय विद्यार्थी पेपर के संबंध में चर्चा कर नजर आए। डीएवी बिलासपुर के प्रधानाचार्य महेंद्र ठाकुर ने बताया कि परीक्षा में एसओपी के नियमों की सख्ती से पालना की जा रही है। वहीं डीएवी बरमाणा के प्रधानाचार्य सुनील ने कहा कि स्कूल में 106 बच्चों ने टर्म वन की परीक्षा दी।
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क्या कहते है विद्यार्थी
सुनिधि के अनुसार स्कूल में परीक्षा देकर अच्छा लगा। कहा कि कोरोना के बाद पहली बार पेपर देने के लिए स्कूल पहुंचे। इससे पहले ऑनलाइन ही पेपर हुए थे। लेकिन स्कूल में आकर दोस्तों से पेपर के बारे में भी चर्चा हुई।
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देवाशीश ने बताया कि कोविड संकट के बीच बोर्ड का पेपर लेने का तरीका सही है। प्रश्न के सही उत्तर बताने में काफी आसानी हुई। क्योंकि अगर आप थोड़ा भूल भी गए हों तो कई विकल्प होने के कारण याद आ जाता है।
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छात्र स्वास्तिक ने बताया कि ओएमआर शीट पर पेपर देने का अनुभव काफी अच्छा रहा। पता ही नहीं चला की पेपर कब खत्म हो गया। पढ़ा था उसी से ही पेपर आया था।
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आकृति ने बताया कि पेपर आसान था। ओएमआर शीट पर पहली बार परीक्षा दी है। जिससे समय की काफी बचत हुई है। पेपर करने में काफी मजा आया।