स्वारघाट(बिलासपुर)। सूबे में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए स्वारघाट में बनने वाला पर्यटन सूचना केंद्र का निर्माण 12 सालों से अधर में लटका हुआ है। इसका शिलान्यास 12 सितंबर 2007 को तत्कालीन मंत्री रहे रामलाल ठाकुर ने किया था। इसके जिए 50 लाख रुपये का बजट भी स्वीकार किया जा चुका था लेकिन दशक बाद भी पर्यटन सूचना केंद्र का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
यह पर्यटन सूचना केंद्र प्रदेश में पहुंचने वाले सैलानियों को प्रदेश के पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी देते के लिए बनाया गया था लेकिन सूचना केंद्र न बनने के कारण आज भी प्रदेश में पहुंचने वाले सैकड़ों सैलानी इस सुविधा से महरूम हैं।
हालांकि पर्यटन विभाग की तरफ से पहली किस्त के रूप में 25 लाख की राशि भी उस दौरान जारी करते हुए वन विभाग को पर्यटन सूचना केंद्र का निर्माण करने के लिए सौंपी थी। इसके बाद वन विभाग ने पर्यटन सूचना केंद्र के भवन का निर्माण कार्य शुरू करते हुए करीब साढ़े तेरह लाख खर्च भी कर दिए हैं लेकिन 16 पिल्लर बनाकर उस पर छत डालने से आगे कोई कार्य नहीं हो पाया।
उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे चंडीगढ़-मनाली सड़क पर हिमाचल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले स्वारघाट कस्बे में पर्यटन सूचना केंद्र का निर्माण होने से कुल्लू-मनाली व शिमला समेत प्रदेश के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से घूमने आने वाले पर्यटकों को विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान होना था।
इसके अलावा पर्यटकों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों व मनोरम वादियों की जानकारी मिलना व होटल आदि की बुकिंग भी उक्त पर्यटन सूचना केंद्र से करवाने का लाभ मिलना तय था। वहीं पर्यटन सूचना केंद्र के बनने से स्थानीय लोगों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर भी मिलना था।
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चुनाव के बाद करेंगे मौके पर दौरा
पर्यटन सूचना केंद्र स्वारघाट के निर्माणाधीन स्थल का चुनाव के बाद जल्द ही दौरा किया जाएगा। जो भी खामियां होगी उन्हें दूर कर आगे का कार्य शुरू कर दिया जाएगा ताकि पर्यटकों को इसका लाभ जल्द मिल सके।
--पंकज शर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, मंडी व बिलासपुर