शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई से बागडू तक सरयाली खड्ड के तटीकरण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार 6.65 करोड़ खर्च कर रही है। आचार संहिता के बाद इस कार्य के टेंडर मांगे जाएंगे।
शाहतलाई, झबोला, नघयार घराण और दसलेहडा पंचायतों के कई गांव सरयाली खड्ड के किनारे बसे हुए हैं। खड्ड का तटीकरण हो जाने से किसानों की उपजाऊ भूमि बाढ़ के नुकसान से बच जाएगी। कई बार पंचायतों के लोगों और किसानों ने प्रशासन से खड्ड का तटीकरण करने की मांग की थी। ताकि बरसात में सरहाली खड्ड में आने वाले बाढ़ से उपजाऊ भूमि को बचाया जा सके।
बाढ़ का कहर सबसे अधिक शाहतलाई, भगतपुर, घुमारपुर, झबोला, नपं तलाई के वार्ड 2, 3 और वार्ड पांच, बडयाह व दसलेहडा, बागड़ू के सटे हुए ग्रामीणों क्षेत्रों के लोगों और किसानों को झेलना पड़ता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने झंडूता दौरे के दौरान 11 अगस्त को तलाई के बागडू तक खड्ड के चैनलाइजेशन का नींव पत्थर दसलेहड़ा में रखा था। बाढ़ नियंत्रण कार्य से उपरोक्त क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं भूमि कटाव पर भी रोक लगेगी। सरयाली खड्ड पर बनी सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल उठाऊ योजनाएं हैं। इन पेयजल योजनाओं के लिए भी इस फ्लड प्रोटेक्शन कार्य से फायदा होगा। इससे 6.7 पंचायतों के लिए बनी पेयजल योजनाएं भी सुरक्षित होंगी।
क्षेत्र के लोगों राज कुमार, जोगिंद्र सिंह, देवराज, परसराम ठाकुर, रामकृष्ण, अश्विनी कुमार, रणजीत सिंह, धर्मपाल, राकेश शर्मा, रंजीत कुमार, रविंद्र शर्मा, संजीव कुमार, देशराज व जगदीश चंद्र का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण कार्य होने से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।
आईपीएच सेक्शन तलाई के कनिष्ठ अभियंता रणवीर सिंह चंदेल ने बताया कि तलाई से बागडू के लिए टेंडर प्रक्रिया होने के बाद कार्य आरंभ होगा। आचार संहिता के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उधर, आईपीएच विभाग के घुमारवीं के डिविजन अधिकारी अरविंद सूद ने बताया कि तकनीकी मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। इसकी अगली प्रक्रिया आचार संहिता के बाद विभाग द्वारा आरंभ कर दी जाएगी।