अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सदर विधायक का ड्रीम प्रोजेक्ट कृत्रिम झील अब बिलासपुर में नहीं बनेगी। गोबिंद सागर झील के एक किनारे पर बनने वाली कृत्रिम झील को पर्यटन विभाग ने बनाने के लिए मनाही कर दी है। पर्यटन विभाग का कहना है कि बिलासपुर में पर्यटन की दृष्टि से कृत्रिम झील विकसित नहीं की जा सकती है जिसके चलते सदर विधायक के इस प्रोजेक्ट बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने रोक लगा दी है।
इस बात का खुलासा बुधवार को गोबिंद सागर झील का दौरा करने आई पर्यटन विभाग सहित बीबीएमबी की टीम ने किया। टीम ने कहा कि बिलासपुर में फिलहाल अभी तक किसी भी तरह की कोई कृत्रिम झील बनाने की योजना नहीं है।
बता दें कि सदर विधायक हर एक जनसभा में लोगों को संबोधित करते थे कि वह जल्द ही यहां पर कृत्रिम झील बनाने जा रहे हैं जिससे यहां के लोगों को रोजगार सहित पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा लेकिन विधायक ने एक बार भी इस संदर्भ में पर्यटन विभाग से कोई भी विचार-विमर्श नहीं किया था। इसके चलते विभाग ने झील का दौरा कर बताया कि फिलहाल अभी कृत्रिम झील बनाने की कोई भी योजना नहीं है।
पर्यटन विभाग के टीआईओ रितेश पटियाल ने बताया कि बिलासपुर की गोबिंद सागर झील में अब सिर्फ कश्मीर डल लेक की तर्ज पर रेस्तरां बनाएं जाएंगे जो पर्यटन की दृष्टि से बहुत बेहतर है और यहां के लोगों को इससे अत्यधिक रोजगार भी प्राप्त होंगे। कृत्रिम झील की दृष्टि से अगर बिलासपुर को देखा जाए तो यहां पर झील बना पाना संभव नहीं है।
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चर्चाओं का माहौल था कृत्रिम झील
बिलासपुर में हमेशा भाजपा और कांग्रेस द्वारा कृत्रिम झील मुद्दे को लेकर हमेशा बहसबाजी हुआ करती थी। इसके चलते कभी कांग्रेस कार्यकाल के नेता बोलते थे कि यह प्रोजेक्ट कांग्रेस का है, तो भाजपा की सरकार आने पर भाजपा के नेताओं का कहना था कि इस प्रोजेक्ट को भाजपा सरकार पूर्ण करेगी। इस मुद्दे को लेकर हमेशा शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहता था लेकिन पर्यटन विभाग और बीबीएमबी द्वारा इस प्रोजेक्ट का रद्द करना एक बहुत बड़ा फैसला है।
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पर्यटन की दृष्टि से बिलासपुर में कृत्रिम झील विकसित नहीं की जा सकती। अभी तक इस तरह का कोई भी प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग नहीं बना रहा है।
....रितेश पटियाल, पर्यटन टीआईओ (बिलासुपर-मंडी)