अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। सात माह पूर्व 22 लाख रुपये की लागत से बनाई गई बरठीं मुख्य बाजार सड़क की पोल पहली ही बरसात में खुल कर सामने आ गई है जिसका कारण विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क पर घटिया सामग्री का प्रयोग करना है। पहली ही बरसात में एक किलोमीटर तक बनाई गई इस सड़क पर लगभग 150 गड्ढे पड़ चुके हैं। यदि सड़क की पुन: मरम्मत नहीं की गई तो सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं रह जाएगा। सड़क पर पहली ही बरसात में पड़े गड्ढों के कारण सड़क में प्रयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ चुकी है। इस एक किलोमीटर की सड़क पर 22 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि सड़क सात माह बाद पहली ही बरसात में उखड़ सकती है।
उल्लेखनीय है कि बरठीं मुख्य बाजार की सड़क की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से 22 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे जिसका टेंडर एक स्थानीय ठेकेदार को दिया गया था लेकिन घटिया सामग्री व तारकोल की वजह से सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। इससे पहले भी यह सड़क बनने के एक माह बाद ही उखड़ गई थी।
इस पर स्थानीय पंचायत के उपप्रधान राकेश मेहता, ब्राह्मण सभा के प्रधान नरेश सहोड़, व्यापार मंडल के प्रधान आरपी गौतम, प्रमोद कुमार, परमजीत धीमान, दिनेश कौशल, देशराज, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार सहित अन्य व्यक्तियों ने विभाग के ढुलमुल रवैये व ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री लगाने पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया था। शिकायत होने के बाद सड़क की विजिलेंस जांच भी करवाई गई थी जिसके बाद आनन-फानन में विभाग ने उक्त ठेकेदार से सड़क को ठीक करवाया था, लेकिन पहली ही बरसात में विभाग व ठेकेदार की कार्यप्रणाली उभर का सामने आने से लोगों व स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। सरकार से मांग की है कि उक्त सड़क में बजरी, तारकोल सहित अन्य उपयोग में लाई गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि यह कार्य उनसे पहले हुआ है, उन्होंने स्वयं सड़क का मौका किया है, सड़क की यह हालत भारी बरसात के चलते हुई है। जल्द ही सड़क में पड़े गड्ढों को सही कर दिया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।