भानुपल्ली से बिलासपुर-बैरी तक प्रस्तावित रेलवे लाइन की लाइनमेंट का सर्वे लगभग पूरा हो गया है। बिलासपुर के धरोट तक प्रस्तावित पहले चरण के सर्वे में हिमाचल के 11 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इस रेल लाइन के लिए लगभग 40 आशियानों पर गिराने की नौबत आ सकती है।
हालांकि, अभी तक सर्वे को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। पंजाब के सर्वे से मिलान के बाद ही भू-अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पंजाब के भानुपल्ली से बिलासपुर के बैरी तक लगभग 63.1 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन प्रस्तावित है। पहले चरण में रेलवे का कार्य बिलासपुर के धरोट तक किया जाना है।
सर्वे और भू-अधिग्रहण स्टाफ की सेलरी के लिए करीब नौ करोड़ रुपये के बजट का पहले ही प्रावधान किया जा चुका है। पहले चरण में बुर्जियां लगाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। जुलाई 2014 में ही हिमाचल के 11 गांवों जंडौरी, दबटमजारी, बेहरड़ा, कांगवाली, झीड़ा, कोटखास, नंदबैहल टोबा संगवाणा, नींला, लखनू व धरोट में रेलवे की ओर से किए सर्वे के आधार पर बुर्जियां लगाकर राजस्व सर्वेे भी पूरा हो गया। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती सर्वे में उक्त गांवों के करीब 40 मकान दायरे में आ रहे हैं।
हालांकि, अभी तक इनकी फाइनल सूचना नहीं हो पाई है। हालांकि, मकानों पर बुलडोजर चलना लगभग तय माना जा रहा है। अभी डिटेल सर्वे होना बाकी है। रेलवे के लिए पंजाब के भी कई गांवों से रेलवे लाइन बिछाई जानी है। पंजाब में भी सर्वे चल रहा है। पंजाब और हिमाचल के सर्वे का मिलान करने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भू-अर्जन विभाग के पटवारी मदन लाल ने बताया कि सर्वे प्रारंभिक स्टेज में है। हिमाचल में बुर्जियां लगाने का कार्य धरोट तक पूरा हुआ है।