घुमारवीं(बिलासपुर)। करोड़ों रुपये का बजट मंजूर होने और 24 बीघा जमीन होने के बाद भी घुमारवीं में आईटीआई किराये के भवन में चल रही है। हालांकि चार सितंबर 2017 को तत्कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री रहे जीएस बाली ने आईटीआई भवन का शिलान्यास किया था लेकिन शिलान्यास के बाद आज तक भवन निर्माण के लिए एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। वहीं बताया जा रहा है कि इस भवन का निर्माण वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार भवन निर्माण के लिए हिमुडा के पास लगभग दो करोड़ की राशि भी जमा है लेकिन हिमुडा को अभी तक वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण काम नहीं कर पा रहा है। कसारू पंचायत के करयालग गांव में बनने वाले आईटीआई भवन को वन विभाग की एनओसी के लिए फाइल देहरादून भेज दी है, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद फाइल शिमला पहुंचेगी। वन विभाग की भूमि संबंधित विभाग के नाम ट्रांसफर होगी। इसके बाद ही आईटीआई भवन का निर्माण शुरू होगा।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले परिवहन तथा तकनीकी शिक्षामंत्री जीएस बाली ने कसारू ग्राम पंचायत के करयालग गांव में 11 करोड़ 72 लाख 53 हजार रुपयों से निर्मित होने वाले राजकीय स्टेट ऑफ द आर्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन का शिलान्यास किया था।
वर्तमान में आईटीआई घुमारवीं के पास अपना भवन न होने के कारण कक्षाएं निजी भवनों में चल रही हैं जिसके लिए अच्छी खासी रकम किराये के रूप में अदा की जा रही है। आईटीआई के लिए उपमंडल की कसारू पंचायत के करयालग गांव में वन विभाग की लगभग 24 बीघा भूमि चिह्न्ति की थी। वर्तमान में आईटीआई घुमारवीं में 100 से अधिक विद्यार्थी चार विभिन्न ट्रेड में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उधर, लोक निर्माण के सहायक अभियंता मनोहर लाल ने संपर्क करने पर बताया कि इस भवन के निर्माण का कार्य हिमुडा के पास है।
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