अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। अब स्वाइन फ्लू के लक्षणों के आधार पर फ्लूू के टेस्ट किए जाएंगे। अगर कोई मरीज ए या फिर बी वर्ग के लक्षण से ग्रस्त हैं तो उस मरीज का स्वाइन फ्लू टेस्ट नहीं किया जाएगा। बल्कि उस मरीज को स्वाइन फ्लू के वर्ग के आधार पर उपचार दिया जाएगा। यह जानकारी क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश आहलूवालिया ने दी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए नमूने भरे जा रहे हैं। अभी तक बिलासपुर जिला में सिर्फ 8 मरीजों का ही आंकड़ा यहां उपस्थित हैं, बाकि एक से दो मरीजों का इलाज शिमला आईजीएमसी में किया जा रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि स्वाइन फ्लू के टेस्ट की सुविधा प्रदेश में शिमला, टांडा, मंडी और कसौली में ही है। बिलासपुर के लिए अहम बात यह रही हैं कि अब स्वाइन फ्लू के टेस्ट मंडी जिला में भी शुरू हो गए हैं। इसके चलते अब एक दिन के भीतर विभाग को फ्लू की रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। बिलासपुर में धीरे-धीरे फ्लू सामान्य स्थिति पर आ रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि स्वाइन फ्लू से डरे नहीं। यह एक आम बुखार है, अगर किसी को भी बुखार या फिर फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहें हैं तो वह शीघ्र चिकित्सक को दिखाएं।
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फ्लू-ए के लक्षण
स्वाइन फ्लू ए के लक्षण में बुखार, खांसी, गले में खराश आदि है। इनको अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं होती है। टेमी फ्लू देने की भी जरूरत नहीं है। जांच के नमूने लिए जा सकते हैं।
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फ्लू-बी के लक्षण
बुखार, खांशी और खराब के साथ हाई रिस्क जैसे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज मरीज, टीबी, एचआईवी के मरीज जिनकी इम्यूनिटी कम होती है वे चपेट में आ सकते हैं। चिकित्सक इन्हें फ्लू-बी के दायरे में लेते हैं।
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फ्लू-सी के लक्षण
सीने में दर्द, बलगम में खून, सांस में तकलीफ फ्लू-सी के लक्षण है। इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। साथ ही सी लक्षण के मरीजों का ही अब अस्पताल में स्वाइन फ्लू के टेस्ट हो रहे है। वहीं, दवा के रूप में टेमी फ्लू दिया जा रहा है।
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सी वर्ग मरीजों के होंगे टेस्ट
सी वर्ग के मरीजों के स्वाइन फ्लू टेस्ट होंगे। बिलासपुर से स्वाइन फ्लू टेस्ट करने के लिए नमूने भरें जा रहे हैं, जिन्हें मंडी और शिमला भेजा जा रहा है।
डॉ. राजेश आहलूवालिया, चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर
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