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दुधारू पशुओं को परजीवी से होने वाली बीमारियों की दी जानकारी

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तड़ौन गांव में ग्रामीणों लिए फार्मा शिविर का आयोजित - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो

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घुमारवीं (बिलासपुर)।
उपमंडलीय पशु चिकित्सालय घुमारवीं की ओर से आतमा घुमारवीं के सहयोग से गांव तड़ौन में ग्रामीणों के लिए फार्मा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों को दूध से बनने वाली खाने-पीने की वस्तुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनदीप कुमार ने बताया की इस फार्म स्कूल में 25 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लोगों को अधिक दूध उत्पादन के लिए पशुओं का रख-रखाव, जैविक दूध उत्पादन, दूध से बनने वाली मिठाइयां, खोया, पनीर, घी, बटर, दही बनाने की विधियों के बारे में बताया जा रहा है। डॉ. हितेश पशु चिकित्सक दधोल ने दुधारू पशुओं में परजीवी से होने वाले रोगों के बारे में दुधारू पशुओं में थालेला रोग के कारण, निदान तथा रोकथाम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अनूप शर्मा बरोटा ने सर्दियों में होने वाले दुधारू पशुओं को रोगों के बारे में उनके कारण, निदान तथा रोकथाम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। लोगों को रेबिज बीमारी के बारे में जानकारी दी।
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डॉ. मनदीप ने फार्म स्कूल में उपस्थित लोगों को अपने घर में खुद दुधारू पशुओं को फीड बनाना सिखाया। अंजोला घास को उगाने के लिए पिट बनवाए गए। लोगों को बच्चे के पैदा होने से लेकर उसके जवान होने तक कैसे देखभाल करे तथा लोगों को नि:शुल्क किटें भी वितरित की गई। डॉ. मनदीप ने बताया की तड़ौन पंचायत में बहुत अच्छी भैंसें पाली जाती है जो की 15 से 20 लीटर दूध देती है लोगों को दूध का प्रयोग कैसे किया जाए जिससे की अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सके।

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