झंडूता के गांव कूट नघ्यार में फिर धंसने लगी जमीन
वर्ष 1988,1998 और 2008 में भी हो चुकी है गांव में भारी तबाही
अब दस बाद फिर जमीन धंसना हुई शुरू जमीन, लोगों में दहशत
रामनाथ शर्मा
शाहतलाई(बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत आने वाले गांव कूट नघ्यार में एक बार फिर से जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है। यहां हर दस साल बाद लोगों की जमीन धंस जाती है। लोग डर के मारे अब अपने घरों में जाने से डर रहे हैं। अभी भी जमीन धंसना शुरू हो गई है जिस कारण लोगों में दहशत है। उल्लेखनीय है कि 1988,1998 और 2008 में यहां जमीन धंस चुकी है। प्रशासन की तरफ से दी गई भारी बारिश की चेतावनी के चलते लोग मंगलवार को भी प्रभावित गांव की तरफ नहीं लौटे।
हालांकि मंगलवार को बारिश नहीं हुई लेकिन प्रशासन की ओर से दी गई चेतावनी के चलते लोगों की भाग दौड़ मंगलवार को भी जारी रही। वर्ष1988,1998 और 2008 की तबाही का मंजर देख चुके लोगों के दिल अभी बारिश से कांप जाते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी भारी बारिश की चेतावनी दी थी।
कोटधार क्षेत्र में बीते 3 दिनों से हो रही बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कूट निवासी बलदेव कुमार, रतन चंद, चंद्र कुमार, तारा देवी, योग राज, मस्तराम, शंकर दास, नरोत्तम, कमलेश, विनोद कुमार, रमेश चंद, ब्रह्मानंद, विशनदास, रामनाथ, प्रेम चंद ने बताया कि 1988 से हर 10 साल बाद 1998, 2008 व वर्तमान 2018 में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि 1988, 1998 और 2008 में भी चंद्र कुमार, योगराज, रामप्रकाश, तारो देवी, मस्तराम, रत्न चंद, विशनदास, रामनाथ, प्रेमचंद के रिहायसी मकान जमीन में ध्वस्त हो गए थे। उन्हें अब डर सता रहा है 2018 में भी वो बेघर न हो जाए। कूट गांव पर कुदरत का पहले ही काफी कहर बरपा चुकी है जिसके चलते लोगों की नींद भी अब उड़ी हुई है। अब सभी दुआ कर रहे हैं कि अब बारिश के अनुमान गलत साबित हो जाएं।
सोमवार रात को हुई बारिश में कूट गांव में रामनाथ का मवेशीखाना, दमेहड़ा गांव में जोगिंद्र पुत्र मईया राम का मवेशीखाना, कडोह गांव के नरैणू राम का मवेशीखाना, जड्डू के प्रताप सिंह का मवेशीखाना, धन्नड़ गांव के प्रेमलाल का रसोईघर, फूलणी जलवाणा के जीतू राम व करतार सिंह के रिहायशी मकान व भटेड़ कूदों के बृज लाल के रिहायशी मकान की एक दीवार गिर गई। उधर, उपतहसील कलोल के नायब-तहसीलदार रमेश धीमान ने बताया कि मकानों व मवेशीखानों के गिरने की सूचनाएं मिली हैं। नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए हल्का पटवारी को बनाने के निर्देश दिए हैं।
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....रामनाथ शर्मा।