अधिकारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करें काम
समीक्षा बैठक में चाय पीने और खाना खाने नहीं बुलाया : किशन कपूर
लोग जो टैक्स देते हैं उससे वेतन लेते हो आप : खाद्य आपूर्ति मंत्री
बैठक के सभी दिशा-निर्देशों पर करेंगे अमल : उपायुक्त
रितेश गुलेरिया
बिलासपुर। बिलासपुर में आयोजित खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों की समीक्षा बैठक में खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर प्रशासन और विभाग की कार्यप्रणाली से खुश नजर नहीं आए। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों की जम कर फटकार लगाई। मंत्री ने अधिकारियों को यहां तक कह दिया कि जो वेतन, मेडिकल बिल और अन्य सेवाएं आप ले रहे हैं वह आम लोगों की ओर से दी गई टैक्स की राशि है। ऐसे में सभी का कर्तव्य बनता है कि वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करें।
बैठक के दौरान जब अधिकारी अपना रिकार्ड पेश नहीं कर पाए तो किशन कपूर ने कहा कि बैठक का मतलब यहां आ कर चाय पीना और लंच करना नहीं है। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से पूछा कि कितने राशन डिपों की जांच गई जिस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इस पर मंत्री ने जमकर अधिकारियों की फटकार लगाई। उन्होंने कहाकि अपने आप में सुधार करें ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उनके काम हो सकें। हालांकि बाद में उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने खाद्य आपूर्ति मंत्री को आश्वासन दिया कि बैठक में जो भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं उन पर अमल करेंगे तथा प्रत्येक सोमवार की बैठक में उन कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।
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पहले गेहूं की हो रही है जांच बाद में पिसाई
खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए कहा कि आटे की गुणवत्ता बेहतर हो इसके लिए पहले गेहूं की जांच की जा रही है जिसमें गेहूं की गुणवत्ता की जांच की जाती है। अगर गेहूं की गुणवत्ता सही है तो उसके बाद उसकी पिसाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह पूरे सिस्टम पर नजर रख रहे हैं। पूर्व सरकार के समय जो चीनी लोगों को सप्लाई की जा रही थी वह घटिया किस्म की थी लेकिन अब सरकार हरियाणा से चीनी लेकर लोगों को बेहतर गुणवत्ता की चीनी पहले से सस्ते दाम पर लोगों को दे रही है।
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कर्म करने पर रखता हूं भरोसा : कपूर
पूछे जाने पर की आप की कार्य प्रणाली की प्रधान मंत्री तारीफ कर चुके हैं। क्या अब कोई और बड़ा मंत्रालय आप को मिल रहा है जिसकी अटकलें जगाई जा रही है जिस पर उन्होंने कहाकि जो जिम्मेदारी मिली है वह भी बड़ी है। वह कर्म करने पर भरोसा रखते हैं।
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...रितेश