बिलासपुर। एनएसयूआई ने बिलासपुर में भाखड़ा विस्थापितों के हकों के लिए रैली निकाली। रैली गुरुद्वारा चौक से होकर बिलासपुर बाजार तक निकाली गई। इस अवसर पर विस्थापितों ने कहा कि भाखड़ा बांध बनने के बाद पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तो सूखा खत्म हो गया। लेकिन, बिलासपुर के लोग बेघर हो गए। सूखे खेतों को भाखड़ा बांध बनने के बाद पानी मिला, वही बिलासपुर के लोगों ने अपने खेत गंवा दिए। बिलासपुर के पुराने शहर के उजड़ने पर आज पड़ोसी राज्य फसलों को पैदा करने का रिकॉर्ड बना रहे हैं। खेत खलियान लहलहा रहे हैं। लेकिन बिलासपुर के विस्थापित आज भी अपने घरों को उजड़ने से बचाने के लिए लगे हुए हैं। अब विस्थापितों ने अपने घरों को उजड़ने से बचाने के लिए सीएम को ज्ञापन भेजकर रहम करने की गुहार लगाई है।
विस्थापितों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि आज जिनकी कुर्बानी के कारण देश के अन्न भंडार भरते हैं और देश के अंधेरी जगहों को रोशनी मिलती है। उन्हीं लोगों की कुर्बानियों को दरकिनार करते हुए उनके घरों के उजड़ने की स्थिति पैदा हो गई है।
विस्थापितों ने कहा कि बिलासपुर शहर के लोगों की गर्दन पर हमेशा तलवार लटकी रहती है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध बनने के बाद अन्य राज्यों को फायदा हुआ है, जबकि बिलासपुर शहर को इसका नुकसान हुआ है। बिलासपुर के लोगों की जमीन गई और मिली कम है। लोगों को इतने छोटे प्लॉट मिले हैं कि जिसमें लोगों को रहने में भी मुश्किल हो रही है। अगर थोड़ा बहुत विस्थापित होने के नाते अवैध निर्माण किया भी है तो वह भी मजबूरी के चलते किया। विस्थापितों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनके पूर्वजों की कुर्बानियों को देखते हुए भवनों को न तोड़ा जाए और जहां पर बसे हैं वहीं पर बसे रहना दिया जाए।
सीएम को सौंपे ज्ञापन में आशीष ठाकुर, अशोक कुमार, शिव कुमार, अक्षय शर्मा, विक्रम ठाकुर, संजीव ठाकुर, मुकेश ठाकुर, विवेक चंदेल, प्रशांत गुप्ता, जगदीश राणा, केडी ठाकुर, सुरेश, अजय कुमार सहित अन्यों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है।