बिलासपुर। जिले के लोगों को अब पित्ते की पत्थरी के उपचार के लिए अन्य जिलों और बाहरी राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला अस्पताल बिलासपुर में मरीजों की सुविधा के लिए 70 लाख से लेपरोस्कोपी मशीन लगाई गई है। आईआरडीपी और बीपीएल परिवारों से संबंध रखने वाले मरीजों के लिए ऑपरेशन की सुविधा निशुल्क रहेगी।
जिला अस्पताल में इस मशीन का शुभारंभ वीरवार को किया गया। अस्पताल के एमएस डॉ. राजेश आहलुवालिया के नेतृत्व में चिकित्सकों ने तीन सफल ऑपरेशन कर इस सुविधा का श्रीगणेश किया। गौर हो कि दूरबीन से पित्ते की पत्थरी का ऑपरेशन करवाने के लिए मरीजों को बाहरी जिलों और राज्यों का रुख करना पड़ता था या फिर निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ता था।
सूत्र बताते हैं कि इस ऑपरेशन के लिए मरीजों को 25 से 30 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ता था। अब प्रशासनिक प्रयासों से यह सुविधा आम जनता को जिला अस्पताल में नाममात्र व्यय पर सहजता से मिलेगी। जबकि आईआरडीपी और बीपीएल परिवारों से संबंध रखने वालों को यह सुविधा निशुल्क मिलेगी। वीरवार को दूरबीन से पित्ते की पत्थरी का इलाज करने वाली टीम में एमएस व सर्जन डॉ. राजेश कुमार आहलुवालिया, डॉ. पुष्पराज शितक, डॉ. पियुष नंदा, ओटीए उमेश शर्मा, स्टाफ नर्स संतोष धीमान, कृष्ण चंद शामिल रहे।
बिलासपुर जिला अस्पताल में दूरबीन से पित्ते की पत्थरी का इलाज अब संभव हो गया है। वीरवार से बिलासपुर अस्पताल में तीन सफल ऑपरेशन किए गए। निकट भविष्य में अपेंडिक्स और अन्य रोगों के ऑपरेशन भी दूरबीन विधि द्वारा शुरू हो जाएंगे।
डॉ. राजेश आहलुवालिया, एमएस
बिलासपुर अस्पताल में करीब 70 लाख की लागत से लेपरोस्कोपी मशीन लगा दी गई है। अब नाममात्र दरों पर यह सुविधा बिलासपुर अस्पताल में उपलब्ध होगी।
डॉ. सतीश शर्मा, एसएमओ, जिला अस्पताल बिलासपुर।