शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास तलाई में चालू वित्त वर्ष में एक करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है। विभिन्न विकास कार्यों में श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया करवाने का प्रयास किया गया है। मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं को पानी, बैठने सहित अन्य सुविधा मुहैया करवाई गई हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए दोनों मंदिरों में 29 सीसीटीवी लगाए गए हैं।
मंदिर न्यास तलाई की ओर से जहां श्रद्धालुओं को बैठने के लिए मंदिर में एक शेड का निर्माण कार्य 10 लाख से करवाया गया। वहीं प्रवेश द्वार गेट 8 लाख से बनाया गया। वहीं पर पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। प्यूरीफाई कर वाटर कूलर युक्त कर दिया गया है। यही नहीं मंदिर में पानी की कमी न रहे जिसके लिए न्यास 2 हजार लीटर की टंकी को हटाकर ओवर हैड टैंक की 15 हजार कैपेसिटी का निर्माण कार्य आवंटित कर दिया गया है।
मंदिर नंबर 1 और 2 के मध्य में यात्रियों के बैठने के लिए एक हॉल और विश्राम स्थली 8 लाख खर्च करके तैयार कर दिया गया है। प्रथम मंजिल पर एक मीटिंग हॉल का निर्माण कार्य चला हुआ है। साथ ही एक सेट मेले के दौरान अधिकारियों के लिए तैयार हो रहा है। उपरोक्त कार्य पर 9 लाख रुपये की लागत आएगी।
मंदिर नंबर 2 से मंदिर एक को जाने वाले बैक साइड रास्ते पर टाइल लगाई गई हैं। वहीं मंदिर में लगे पुराने लोहे के गेटों को हटाकर स्टील युक्त गेट लगाए गए हैं। वहीं मंदिर में जितने भी दानपात्र थे उन्हें भी स्टील युक्त बड़े दानपत्र बनाकर आकर्षित बनाया गया है। मुख्य मंदिर तपोस्थली शाहतलाई के बाहर लगी चारदीवारी को गटका स्टोन निर्माण कार्य कर सुंदर बनाया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए शौचालय के ऊपर स्नानागार व शौचालय बनाकर श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। वहीं मंदिर परिसर में एलईडी और 9 लाख से ज्यादा की राशि से हाईमास्ट लाइट लगाई गई है।
कनिष्ठ अभियंता मंदिर न्यास विजयपाल ठाकुर ने बताया कि मंदिर न्यास के प्रपोजल कार्यों के लिए प्राक्कलन तैयार किए जा रहे हैं। उधर, मंदिर प्रभारी सुखदेव सिंह चंदेल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अभी तक 86 लाख 13 हजार रुपये विकासात्मक कार्यों पर खर्च किए गए हैं। वर्ष 2016 में 88 लाख 36 हजार के लगभग विकास कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।
मंदिर न्यास चेयरमैन एवं उपमंडलाधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ेगा और मंदिर न्यास के विकास कार्यों को प्रगति पर पहुंचाना है।