अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली घंडीर पंचायत के वार्ड दधोग व टप्पा कुजैल के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अपने बच्चों को सरयाली खड्ड पार करवा रहे हैं। ग्रामीणों के पास और कोई विकल्प न होने से नौनिहालों को कंधे पर उठाकर और बड़े बच्चों का हाथ पकड़कर उफनती सरयाली खड्ड को पार करवाया जा रहा है। जबकि यहां पर सरयाली खड्ड पर पुल बनाने की मांग को काफी अरसे से उठाया गया है लेकिन अभी तक प्रशासन व सरकार की ओर से कुछ नहीं हुआ है।
बरसात में अकसर वैसे ही सरयाली खड्ड उफान में है। दधोग व टप्पा कुजैल वार्ड के लिए जो सड़क जाती है वह बरसात में अकसर बंद हो जाती है। इससे ग्रामीणों को मजबूरी में उफनती सरयाली खड्ड को पार कर दूसरी ओर आना पड़ता है। घंडीर से टप्पा कुजैल व दधोग के लिए जो एक कच्चा सड़क मार्ग है वह बरसात के चलते पांच से सात माह तक बंद रहता है। गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे पालकी में उठाकर सरयाली खड्ड को पार कर मुख्यालय तक लाना पड़ता है। इसके अलावा स्कूली बच्चों को भी जान जोखिम में डालकर ही सरयाली खड्ड पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। यह क्षेत्र तीनों ओर से घने वनों से घिरा हुआ है। जबकि एक तरफ से सरयाली खड्ड है।
गांव के लोगों में वार्ड मेंबर ऊषा कुमारी, देशराज, बालक राम, राजेश कुमार, लेखराम, बलवीर, राजकुमार, श्रवण सिंह, बृजलाल सहित अन्य गांववासियों ने कहा कि टप्पा दधोग कुजैल क्षेत्र के लिए आने जाने के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लिए जाने वाली सड़क अकसर बरसात में बंद पड़ जाती है। गांव के लोगों ने प्रदेश सरकार से गांव में सरयाली खड्ड पर पुल बनाने की मांग की है ताकि लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।
इस बारे में पंचायत प्रधान रोशनी देवी ने कहा कि गांववासियों की मांग पर संबंधित गांव के लिए पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सरकार से पुल का निर्माण प्राथमिकता से करने की मांग की है।
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लोग नालों और खड्डों में न जाएं : शर्मा
उधर उपमंडल अधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने पहले ही लोगों को खड्ड और तेज बहाव वाले नालों में न आने-जाने के लिए सचेत किया है। बरसात के मौसम में खड्डों और छोटे-छोटे नालों में पानी का तेज बहाव अचानक बढ़ जाता है। ऐसे समय में लोगों का इसकी चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान है कि तेज बहने वाली खड्डों और नालों से न जाएं।
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